सिकंदराबाद। नीमगांव थाना क्षेत्र में लगातार हो रहीं चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों की नींद उड़ी है। डरे-सहमे ग्रामीण जागकर रात बिताने को मजबूर हैं। कुछ गांवों के ग्रामीणों ने सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद ही संभाल ली है। टोली बनाकर पूरे गांव में पहरा दे रहे हैं और जागते रहो-जागते रहो की आवाज लगा रहे हैं।
बीते कुछ दिनों से इलाके में चोरों ने उत्पात मचा रखा है। पुलिस गश्त के दावे कर रही है, लेकिन घटनाओं पर लगाम नहीं लगा पा रही है। चोरी की घटनाओं से बचने के लिए कई गांव के ग्रामीणों ने दशकों पहले वाला पहरेदारी का तरीका अपनाया है। लाठी-डंडों से लैस कई टोलियां पूरे गांव का भ्रमण करते हुए जागते रहो की आवाज लगा रही हैं।
ग्राम अमृतापुर और टिकौला गांव में शनिवार रात से पांच-पांच ग्रामीण टोली बनाकर पहरा दे रहे हैं। टोली में शामिल हर ग्रामीण का सप्ताह में एक बार ही नंबर आएगा। बता दें कि गांव टिकौला निवासी छोटेलाल शर्मा के घर जेवर नगदी समेत लाखों की चोरी और तीन दिन बाद पड़ोस के गांव उमरपुर निवासी सरोज कुमार पांडे के घर से जेवर नकदी समेत सात लाख सामान चोरी हो गया था। चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस अभी तक किसी भी घटना का खुलासा नहीं कर सकी है।
पुलिस का दावा गांवों में हो रही गश्त... ग्रामीणों ने उठाए सवाल
लगातार हो रही घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस नियमित गश्त होने का दावा कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस गश्त करती, तो इस तरह की घटनाएं नहीं होतीं। घटना होती तो चोर कहीं न कहीं पकड़े भी जाते। पुलिस मुकदमा लिखने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल देती है। इसके चलते घटनाओं पर विराम नहीं लग पा रहा है।
पुलिसकर्मी गश्त कर रहे हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए उनकी लाइव लोकेशन थाना पुलिस के ग्रुप में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्रामीणों से संवाद भी किया जा रहा है। अगर कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी पर चेकिंग के दौरान नहीं मिलेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुनीता कुशवाहा, थानाध्यक्ष नीमगांव