लखीमपुर खीरी। हाईवे के किनारे वाहनों को खड़ा करना प्रतिबंधित है, बावजूद इसके अवैध तरीके से वाहन खड़े किए जाते हैं, जो हादसों की वजह बनते हैं। ऐसा तब है जबकि सुप्रीम कोर्ट से लेकर शासन के सख्त निर्देश हैं कि किसी भी दशा में हाईवे के किनारे वाहन न खड़े होने दिए जाएं, लेकिन दुर्भाग्य है कि अफसरों की अनदेखी और चालकों की मनमानी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
जनपद में पीलीभीत-बस्ती हाईवे, सीतापुर-लखीमपुर, सीतापुर-शाहजहापुर मैंगलगंज आदि हाईवों पर ट्रक व अन्य वाहनों की लंबी कतार नजर आ जाती है। सबसे ज्यादा वाहन होटल व ढाबों के किनारे खड़े किए जाते हैं, जो एक बड़ी लापरवाही है। लखीमपुर से गोला हाईवे के किनारे नियमों की अनदेखी कर ट्रक, डीसीएम और अन्य वाहन खड़े रहते हैं। कुछ वाहन तो सड़क पर ही खड़े रहते हैं।
शहर में लालपुर चौराहे से राजापुर चौराहे पर कई स्थानों पर ट्रक सड़क पर ही खड़े रहते हैं। हाइवे किनारे खड़े होने वाले वाहनों की वजह से कई बार हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन फिर भी इस पर लगाम नहीं लग पा रहा है। ऐसे में शासनादेश को ठेंगा दिखाने जैसे साबित हो रहा है। गोला से लेकर लखीमपुर के बीच 35 किलोमीटर दूरी है। इस बीच काफी संख्या में ट्रक खड़े रहते हैं।
एआरटीओ अखिलेश द्विवेदी ने बताया कि विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। एक बार फिर से अभियान चलाकर हाइवे किनारे खड़े होने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
हाईवे के किनारे वाहन खड़ा करना प्रतिबंध है। यह हादसे की वजह बनते हैं। अभियान चलाकर जांच की जाएगी। अगर वाहन खड़े मिलते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. कौशलेंद्र, प्रवर्तन अधिकारी