लखीमपुर खीरी। भारत-नेपाल सीमा पर सड़क निर्माण की योजना भी वन विभाग की एनओसी के चलते अटक गई है।
उत्तर प्रदेश में पीलीभीत से महराजगंज तक 575 किलोमीटर बनने वाली इस सड़क का 227.7 किलोमीटर हिस्सा जंगल से होकर गुजरना था। इसमें दुधवा टाइगर रिजर्व में 98.7 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। सड़क निर्माण के लिए साल-सागौन के पेड़ों के अलावा सामान्य प्रजातियों के पेड़ों को काटा जाना था। निर्माणाधीन संस्था ने कई बार वन विभाग के अधिकारियों से पत्राचार करते हुए एनओसी जारी करने की बात कही थी लेकिन अभी तक एनओसी नहीं मिली है। अब सीमा पर पहले से चल रहे रास्तों और सड़कों को बॉर्डर रोड से जोड़कर पेड़ों को बचाने के लिए सर्वे शुरू किया गया है। फील्ड डायरेक्टर दुधवा टाइगर रिजर्व ललित कुमार वर्मा ने बताया कि बॉर्डर रोड निर्माण के लिए एनओसी केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में लंबित है। कहा गया है कि ऐसी परियोजना तैयार की जाए, जिससे कम से कम पेड़ काटने पड़ें।