लखीमपुर खीरी। बरसात का मौसम शुरू होते ही चर्म रोग का प्रकोप बढ़ने लगा है। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल में त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में शनिवार को दाद एवं फंगल संक्रमण के 30 से 35 मरीज पहुंचे। स्किन रोग विशेषज्ञ इसका कारण मौसम में नमी बढ़ना बता रहे हैं।
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र गौतम ने बताया कि बारिश के मौसम में कपड़ों में नमी रहती है। वहीं हल्का भीगने पर लोग गीले कपड़े ही पहने रहते हैं। इससे फंगल संक्रमण से लेकर दाद व खुजली होने का खतरा बढ़ जाता है। इस समय ओपीडी में इसके पीड़ित मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि फंगस संक्रमण दिखने में दाद जैसा होता है, लेकिन काफी घातक होता है। इसके प्रभाव में आने पर तकलीफदेह खुजली होती है। त्वचा पर लाल या बैंगनी रंग के चकत्ते हो जाते हैं, सफेद पाउडर जैसा पदार्थ निकलना, त्वचा में पपड़ी पड़ना, खाल का उतर जाना और प्रभावित हिस्से में दर्द होना आदि समस्या हो जाती है। इसलिए बारिश के मौसम में त्वचा संबंधी रोग खासकर फंगल संक्रमण, दाद व खुजली से बचने के लिए शरीर की सफाई पर ध्यान दें। जलभराव एवं गंदे पानी के संपर्क में आने से बचे, क्योंकि इससे संक्रमण जल्दी होता है। वहीं संक्रमण होने पर बिना डॉक्टर की परामर्श से दवाओं का सेवन न करें।
बचाव
1. बारिश के पानी में भीगने और गंदे पानी से जाने से बचें।
2. बाजार से घर आकर पहले हाथ-पांव धुलें।
3. नहाने के बाद शरीर को सुखाकर ही कपड़े पहनें।
4. बारिश में भीग जाएं तो सूखे कपड़े से शरीर पोछें।
5. पसीना आने पर बार-बार खुजलाएं नहीं।
6. खाने में संतुलित आहार व मौसमी फलाें का सेवन करें।
7. पत्तेदार सब्जियां, उड़द की दाल व तली-भुनी चीजों के प्रयोग से बचें।
8. सुबह और शाम में स्नान करें।
9. प्रेस कर नमी सुखाने के बाद ही कपड़ों को पहने।
10. इस मौसम में ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें। सिंथेटिक कपड़ों से बचें।