लखीमपुर खीरी। अमृत सरोवर बनाने में खीरी जिला भले ही प्रदेश में पहले स्थान पर रहा हो लेकिन इनके रखरखाव के मामले में जिला फिसड्डी साबित हो रहा है। कड़ी धूप और भीषण गर्मी में इन सरोवरों का अमृत सूख गया है। कई की तो तली नजर आने लगी है।
आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में जिले में करीब 250 अमृत सरोवर बनाए गए हैं। अमृत सरोवर बनाने में जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा था। इन अमृत सरोवरों का निर्माण मनरेगा और ग्राम निधि से हुआ है। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है लेकिन ग्राम पंचायतें अमृत सरोवरों के रखरखाव में दिलचस्पी नहीं ले रही हैं। इसके चलते जिले में आधे सरोवरों का पानी सूख गया है। इससे आसपास की हरियाली भी मुरझाई नजर आ रही है। ग्राम पंचायतें अमृत सरोवरों में पानी भरवाने के प्रति उदासीन बनी हुई हैं।
ब्लॉक नकहा की ग्राम पंचायत सुंडा पटेहरा में बने अमृत सरोवर का पानी कई दिन पहले सूख चुका है। ब्लॉक लखीमपुर की ग्राम पंचायत रुकुंदीपुर में बना अमृत सरोवर भी सूखा पड़ा है। बांकेगंज की ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 14 के अमृत सरोवर में पानी नहीं है। मोहम्मदी, पसगवां, बिजुआ ब्लाकों में भी बहुत से अमृत सरोवर सूख चुके हैं। इन सरोवरों को ग्राम निधि से भरवाया जाना चाहिए लेकिन पंचायतें इसमें दिलचस्पी नहीं ले रही हैं।
गिंहा में सूखा पड़ा अमृत सरोवर
गिंहा में सूखा पड़ा अमृत सरोवर
गिंहा में सूखा पड़ा अमृत सरोवर