लखीमपुर खीरी। नगर पालिका के अधिकारी भले मानसून से पहले नाला सफाई का काम पूरा कर लेने का दावा कर रहे हों, लेकिन हकीकत यह है कि कई नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। ऐसे में बारिश के दौरान निश्चित तौर पर एक बार फिर से शहर के कई मोहल्ले तालाब बनेंगे।
हर साल बरसात के पहले नगर पालिका अभियान चलाकर शहर के नालों की तलीझाड़ सफाई कराती है। इस बार भी कार्य शुरू तो हुआ लेकिन अब भी कई ऐसे नाले हैं, जिन पर नगर पालिका के कर्मचारियों की निगाह नहीं पड़ी। लिहाजा नाले मलबे से पटे हुए हैं। नगर पालिका क्षेत्र में छोटे, बड़े और मंझोले कुल 51 नाले हैं। पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों का दावा है कि सभी बड़े और मझोले नालों की तलीझाड़ सफाई का काम पूरा करा लिया गया है, लेकिन हकीकत इससे अलग है।
बड़े नालों की नहीं हुई सफाई
नगर पालिका के अभियान में बड़े नालों की सफाई नहीं कराई गई। इससे कई मोहल्लों में जलभराव होगा, जिसमें मुख्य बाजार शामिल है। यहां पर जरा सी बरसात के दौरान आधा फुट तक पानी भर जाता है। मोहल्ला गंगोत्री नगर, गोविंद नगर, शिवकॉलोनी के अलावा तमाम मोहल्ले बरसात के बाद तालाब का रूप ले लेते हैं। शिवकॉलोनी और गंगोत्री नगर में तो लंबे समय तक जलभराव की स्थित रहती है। नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि यह मोहल्ला सड़क से नीचे हैं, जिसके चलते यहां पर पानी भरा रहता है। हालांकि पानी निकालने के लिए समय समय पर पंप लगाए जाते हैं, जिससे मोहल्लेवासियों की समस्या का कुछ हद तक समाधान हो पाता है। जब पालिका के ईओ संजय कुमार से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। बताया गया कि वह लखनऊ में किसी मीटिंग के लिए गए हैं।
25 किलोमीटर से ज्यादा फैला है छोटे-बड़े नाले का जाल
नगर पालिका के क्षेत्र में पांच बड़े नाले दर्ज बताए जाते है, जिसमें सबसे बड़ा नाला ढाई किलोमीटर का बताया जाता है। यह नाला रेलवे स्टेशन कॉलोनी से होते हुए मारवाड़ी मंदिर, सुभाष पार्क, फल मंडी और मिश्राना चौराहे से मिलता है। अब इतने कम वक्त में सफाई कैसे हो पाएगी।
झिल्लियों और मलबे से भरा है दुर्गापुरम का नाला
शहर में बाजार के बीच से एक बड़ा नाला निकला है, जो बाजार होते हुए सनातन धर्म बालिका विद्या मंदिर होते हुए जीआईसी के आगे से होते हुए मोहल्ला दुर्गापुरम जाकर उल्ल नदी में गिरता है। बताते हैं कि इस नाले पर किसी भी सफाई कर्मचारी की निगाह तक नहीं गयी। लिहाजा आज भी इस नाले में झिल्लियां और मलबा पटा हुआ है।
बड़े नाले पूरी तरह से साफ हो गए हैं। करीब 17 छोटे नालों में सफाई का कार्य बाकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले एक सप्ताह के भीतर सभी नालों को साफ कर लिया जाएगा। मौजूदा समय में दो मशीनों के अलावा तीन गैंग काम कर रहे हैं।
- डॉ. इरा श्रीवास्तव, अध्यक्ष नगर पालिका लखीमपुर
पूरी तरह से चौक उल्ल नदी में गिरने वाला नाला