मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर की सुरक्षा की मांग
नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने सोमवार को विधायक अरविंद गिरि द्वारा नगर पालिका कार्यालय में निरीक्षण को अवैधानिक बताते हुए अपने साथ अभद्र व्यवहार करने और जानमाल का खतरा जताते हुए मुख्यमंत्री को शिकायतीपत्र भेजकर प्रभावी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित शिकायती पत्र की प्रतिलिपि देते हुए बताया कि दो मई को विधायक अरविंद गिरि भाजपा के नगराध्यक्ष दीपेंद्र गुप्त, विजय माहेश्वरी और अपने 60-70 कार्यकर्ताओं के साथ नगर पालिका कार्यालय में पहुंच कर वीडियोग्राफी करानी शुरू कर दी। जब वह मौके पर गईं तो वह भी पालिका कर्मचारी से वीडियोग्राफी कराने लगीं। इस पर विधायक के छोटे भाई धर्मेंद्र गिरि मोंटी ने उनका मोबाइल छीनकर वीडियोग्राफी डिलीट कर दी। इस पर उन्होंने खुद धर्मेंद्र गिरि से मोबाइल छीनकर वापस लिया। इस पर विधायक के समर्थक उनसे अभद्रता करने लगे। उन्होंने कहा कि विधायक द्वारा 60-70 लोगों के साथ आकर निर्वाचित महिला जन प्रतिनिधि के साथ अभद्र व्यवहार करना सरकार की प्रतिष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। अरविंद गिरि की छवि दबंग व्यक्ति की बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके विरुद्घ कई मुकदमे पंजीकृत हुए हैं। महिला जन प्रतिनिधि के साथ की गई अभद्रता उनकी दबंग एवं गुंडागर्दी की छवि को उजागर करती है। शिकायत की प्रतिलिपि उन्होंने डीएम, एसपी, एसडीएम, सीओ और भाजपा के जिलाध्यक्ष शरद बाजपेयी को भी भेजी है। पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल का आरोप है कि विधायक अरविंद गिरि पर वन विभाग के मुकदमे विचाराधीन हैं और वह मुख्य वारंटी हैं। अभी तक उन्होंने जमानत नहीं कराई है। जबकि सह अभियुक्त जेल जाकर अपनी जमानत करवा चुके हैं। वन अधिकारियों को दबाव में लेने के लिए उन्होंने रेंजर दिग्विजय सिंह पर भी मुकदमा कायम कराया था। आरोप लगाया है कि अरविंद गिरि के अध्यक्षीय कार्यकाल में नगर पालिका परिषद में वेसमेंट में पुस्तकालय बनाकर समाजसेवी स्वर्गीय रामनरेश तिवारी की मूर्ति स्थापित की गई थी। सार्वजनिक स्थान पर उनकी मूर्ति नहीं लगाई गई। अपने विधायक और अध्यक्ष काल में अरविंद गिरि ने पब्लिक इंटर कॉलेज के मैदान में अपने पिता राजेंद्र गिरि के नाम से स्टेडियम बनवाया। तब उन्होंने किसी राष्ट्रीय नेता के नाम की स्मृति में कोई विचार नहीं किया। एक मार्केट बनवाकर उसमें अपने पिता राजेंद्र गिरि की मूर्ति स्थापित करा दी। उन्होंने सवाल किया कि क्षेत्रीय विधायक ने नगर पालिका कार्यालय का निरीक्षण किसके आदेश से किया। जबकि जन प्रतिनिधि जनता द्वारा चुने गये नगर प्रमुख के कार्यालय का निरीक्षण नहीं कर सकता है।