रविवार को स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ ने चेयरमैन पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके दूसरे दिन सोमवार को कर्मचारियों में उबाल आ गया। कर्मियों का आरोप है कि सोमवार की सुबह चेयरमैन ने उन्हें मीटिंग के लिए बुलाया जहां उन लोगों के साथ फिर अभद्रता की। इस पर नाराज कर्मचारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी और पालिका परिसर में ही धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने दफ्तरों में ताले लगाकर कामकाज ठप कर दिया। इसमें सफाई कर्मी जुड़ गए और इससे सफाई व्यवस्था बाधित हो गई। अधिशासी अधिकारी को दिए गए पत्र में महासंघ ने आरोप लगाया है कि पिछले चार दिनों से चेयरमैन द्वारा किया जा रहे अभद्र व्यवहार और नियमविरुद्ध कार्य करने के लिए बाध्य करने की वजह से काम बंद कर धरना प्रदर्शन शुरू किया गया है और जब तक चेयरमैन के व्यवहार में बदलाव नहीं होता है हड़ताल जारी रखी जाएगी। एसडीएम और ईओ आलोक कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे और उन्होंने कर्मचारी नेताओं से वार्ता की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला और फिर एसडीएम ने कहा कि गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व है ऐसे में उस दिन कम से कम सफाई का कार्य तो होना ही चाहिए। इस पर कर्मचारी राजी हो गए। 26 जनवरी को सुबह से लेकर दोपहर तक सफाई और अन्य कार्य होंगे और फिर 27 जनवरी से पुन हड़ताल शुरू हो जाएगी।