गोला में शांतिपूर्ण ढंग से सुपुर्द-ए-खाक किए गए ताजिये
गोला गोकर्णनाथ। गोला में ताजिये शांतिपूर्ण ढंग से सुपुर्द-ए-खाक किए गए। इस दौरान ढोल-ताशों की मातमी धुन के साथ-साथ या हुसैन या हुसैन की सदाएं भी गूंज रही थीं।
कोतवाली क्षेत्र में खुटार रोड पर ईदगाह के पीछे, लखीमपुर रोड पर अग्रवाल ईंट-भट्टा के पास, अमृतापुर और जलालपुर स्थित कर्बला पर ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अकीदतमंदों ने फातिहा पढ़कर अमन चैन की दुआ की।
इस दौरान हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद कर तकरीरें पेश की गई। सुरक्षा व्यवस्था में एसडीएम अनुराग सिंह, तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता, सीओ राजेश कुमार और प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में कर्बला स्थलों पर पुलिस बल मौजूद रहा।
रायपुर में गमगीन माहौल में दफन हुए ताजिए
सिकंद्राबाद। रायपुर (घुंसी) गांव में सुबह से ताजियों के जुलूस निकलने का सिलसिला शुरू हो गया। अलग-अलग स्थानों से निकले ताजिये गांव के बाहर कर्बला में एकत्र हुए जहां अकीदत और एहतराम के साथ गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस गांव में हर साल लखनऊ और गोला से जोगी ताजियादारी के लिए आते हैं। इस साल सबसे बड़ा ताजिया जोगियों का है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रभारी निरीक्षक अवधेश यादव, चौकी प्रभारी सुनील कुमार सिंह और अन्य थानों का फोर्स मौजूद रहा। संवाद
सबसे आर्कषक ताजिया राजापुर के पठानों का रहा
महेवागंज/सुंदरवल। फूलबेहड़ के राजापुर में करीब सौ फुट का ताजिया लोगों में आकर्षण का केंद्र रहा। राजापुर, दुधवा, रघवापुर के ताजिये गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किए गए। सबसे बड़ा ताजिया राजापुर के पठानों का रहा। इसकी कीमत करीब साठ हजार रुपये रही। खास यह कि राजापुर गांव में शेख पार्टी व पठान पार्टी के बीच वर्षों से आगे ताजिया लेकर चलने को लेकर तनातनी चल रही है। इस बार पुलिस ने सूझबूझ से विवाद को निपटा दिया। शेख पार्टी का ताजिया ढाई बजे वहीं, पठान पार्टी का ताजिया एक घंटे बाद साढ़े तीन बजे गांव से उठाया गया। संवाद
रायपुर में सम्मानित हुए प्रधान, ग्रामीण और पुलिसकर्मी
सिकंद्राबाद। रायपुर में ताजिया जुलूस और दफन करने की रस्म को शांति पूर्वक निबटाने में योगदान करने वाले ग्राम प्रधान, जिम्मेदार नागरिक और पुलिस कर्मियों को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया।
रायपुर में यह परंपरा जोगी पिछले कई वर्षों से निभाते आ रहे हैं। इस वर्ष भी बुधवार को ताजिया सुपुर्द-ए-खाक किए जाने से पहले जोगियों और ताजियेदारों ने ग्राम प्रधान पति सलीम अंसारी, बबलू, चौकी प्रभारी सुनील कुमार सिंह समेत चौकी के पुलिस कर्मियों को हरी पगड़ी बांध कर और तबर्रुक देकर सम्मानित किया। संवाद