डीपीआरओ से मिलते समन्वय समित के लोग
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लखीमपुर खीरी। ब्लॉकों में तैनात सचिवों और ग्राम पंचायतों के प्रधानों के बीच तकरार और मुकदमेबाजी शुरू हो गई है। समन्वय समिति के अध्यक्ष आकाश अवस्थी व विजय शर्मा के आह्वान पर शनिवार सुबह करीब 10.30 बजे जिलेभर से सचिव कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे। डीएम की गैरमौजूदगी में सीडीओ को ज्ञापन सौंपा।
समिति ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि प्रधानों की ओर से निराधार एवं अनर्गल आरोपों को लगाकर शिकायतें की जा रही हैं। इससे सचिवों व ग्राम विकास अधिकारियों की छवि धूमिल हो रही है। निघासन ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिंगाही देहात के प्रधान ने सचिव विवेक सिन्हा पर शासकीय धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है, जबकि ग्राम पंचायत के कार्यों का भुगतान प्रधान और सचिव के डोंगल (डिजीटल सिग्नेचर) से होता है, जो संबंधित प्रधान के पास रहती है।
ब्लॉक लखीमपुर में तैनात सचिव राजेश वर्मा के साथ ग्राम पंचायत उदयपुर महेवा के प्रधान पुत्र द्वारा मारपीट करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के महीनों बाद भी पीड़ित सचिव के मोबाइल फोन पुलिस द्वारा बरामद न किए जाने और आरोपियों द्वारा धमकियां देने का आरोप समन्वय समिति ले लगाया है। ब्लॉक कुंभी में तैनात सचिव अभिषेक कुमार के साथ ग्राम पंचायत सैदापुर में अभद्रता करने के मामले में अभी तक कोई कार्रवाई न होने का सवाल उठाया है।
समन्वय समिति ने बताया है कि प्रधान और सचिव के बीच चल रहे प्रकरणों में विवाद का मुख्य कारण आवास सत्यापन एवं पूर्व प्रधानों के कार्यकाल से मनरेगा कन्वर्जेंस द्वारा हो रहे पंचायत भवनों के निर्माण से संबंधित हैं। अध्यक्ष आकाश अवस्थी ने बताया कि प्रधान को सचिव द्वारा लगाए भुगतान को चेक कर अंतिम स्वीकृत देने का अधिकार है। किसी एक पक्ष की सहमति या जानकारी के बगैर कोई भुगतान संभव नहीं है। प्रतिनिधि मंडल में सौरभ प्रकाश, राघवेंद्र वर्मा आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।