गांव फरिया पिपरिया में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
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लखीमपुर खीरी। जिले की कोतवाली मैगलगंज के गांव फरिया पिपरिया निवासी रोशनलाल का शव पोस्टमार्टम के बाद जब गांव पहुंचा तो परिवार में चीख़ पुकार मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जमा हो गए। घर वालों ने पिटाई करने के आरोपी सिपाही पर रिपोर्ट दर्ज न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। इससे पुलिस के हाथपांव फूल गए। पुलिस की काफी मान मनोवल और जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने का आस्वाशन दिया। तब जाकर लोग शांति हुए और गुरुवार को तीन थानों की पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
चार दिन पहले गांव फरिया पिपरिया निवासी रोशनलाल गुरुग्राम से घर लौटा था। पुलिस ने उसे गांव के बाहर स्कूल में आइसोलेट किया था। मंगलवार को वह शिविर से निकलकर घर पहुंचा और आटा पिसवाने के लिए औरंगाबाद बाजार पहुंचा। सूचना पर पहुचे औरंगाबाद के सिपाही ने शिविर से बाहर आने के कारण उसकी आटा चक्की पर ही जमकर पिटाई कर दी। इससे छुब्ध होकर उसने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही घर मे कोहराम मच गया। पुलिस को कोसते हुए घर वाले विलाप करने लगे।
आरोपी सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न होने तक घर वालों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इससे पुलिस के हाथ पांव फूल गए। ग्रामीणों का रोष देखते हुए आसपास के थानों की पुलिस बुला ली गई। पुलिस की मनाने और जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करने के आश्वासन के बाद परिवार वाले माने। तब जाकर गुरुवार को परिवार वालों ने गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।