महेवागंज/फूलबेहड़। घर से घास काटने निकले एक वृद्ध का अधखाया शव तीसरे दिन गांव से पांच सौ मीटर दूर गन्ने के खेत से बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस किसी जंगली जानवर के हमले में मौत की बात कह रही है, वहीं वन विभाग इससे इन्कार कर रहा है।
भरतपुर गांव निवासी 65 वर्षीय पुतान रविवार सुबह नौ बजे खेतों की तरफ घास काटने गए थे। शाम तक वापस न आने पर घर वालों ने तलाश शुरू की। दूसरे दिन भी उसका कोई पता नहीं चला। सोमवार को परिजन शारदानगर थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराई। मंगलवार शाम 4:30 बजे गांव से आधा किलोमीटर दूर रमेश के गन्ने के खेत में उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव के एक पैर का अधिकांश हिस्सा गायब मिला। पुलिस और ग्रामीणों ने किसी जंगली जानवर के हमले में मौत की आशंका जताई है।
वन रेंज धौरहरा के रेंजर मृपेंद्र कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों ने जानवर के हमले की आशंका को खारिज कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शारदा नगर के कार्यवाहक थाना प्रभारी राज कुमार भारती ने बताया कि मृतक का शव देखने से लगता है जैसे किसी जंगली जानवर ने खाया है।