लखीमपुर खीरी। किशोरी से छेड़खानी और उसका हाथ पकड़कर खींचने के मामले में एडीजे एफटीसी चिंताराम ने आरोपी मनचले युवक को दोषी करार दिया है। उसे तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी संजय सिंह ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी 11 अक्टूबर 2014 को शौच के लिए खेत पर जा रही थी, तभी ग्राम देवीपुरवा निवासी संजीत लोध किशोरी को बुरी नीयत से दबोचकर छेड़खानी करने लगा और उसका हाथ पकड़कर खींच लिया।
विरोध करने पर किशोरी को जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला था। शासकीय अधिवक्ता ने मामला साबित करने के लिए पीड़िता और उसकी मां के साथ ही उसकी बड़ी बहन को अदालत में पेश किया था। मामले के गवाह राकेश, एसआई राजेश्वर त्रिपाठी, प्रधानाध्यापक शैलेश अवस्थी के बयान दर्ज कराए थे। मंगलवार को सुनवाई करते हुए अदालत में संजीत लोध को तीन वर्ष के कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।