मुआवजा स्वीकृति पत्र देती मोटर दुर्घटना जज डॉ. कपिला राघव। संवाद
लखीमपुर खीरी। सड़क हादसों में परिवार के मुखिया की मौत या किसी सदस्य के विकलांग होने से परिवार पर आर्थिक संकट आ जाता है। ऐसे मामलों में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) पीड़ित परिवारों को राहत दिलाने में कारगर साबित हो रहा है। शनिवार को मोटर दुर्घटना मामलों में बीमा कंपनियों और वाहन स्वामियों के बीच सहमति बनाकर जिला न्यायाधीश डॉ. कपिला राघव ने 187 मामलों का आपसी सुलह-समझौते से निस्तारण किया। इनमें मोटर दुर्घटना के 147 मूल वाद स्वीकार किए गए, जबकि 40 प्रकीर्ण मामले निस्तारित हुए। दुर्घटना पीड़ित परिवारों के लिए कुल 10 करोड़ 65 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर किया गया। संवाद