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Lakhimpur Kheri News: गूंजी खुशियों की शहनाई... एक-दूजे के हुए 482 जोड़े

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सामूहिक विवाह समारोह में जयमाल डालते जोड़े                                                     
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लखीमपुर खीरी। जीआईसी के मैदान में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब 15 मुस्लिम जोड़ों ने निकाह कबूल किया। 467 से अधिक जोड़ों ने सात फेरे लिए।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली। एक ही प्रांगण में हिंदू और मुस्लिम धर्म के 482 जोड़े विवाह के बंधन में बंध गए। एक ओर जहां ब्राह्मण मंत्रोच्चार कर हिंदू जोड़ों का विवाह करा रहे थे, तो वहीं दूसरी ओर मौलाना निकाह पढ़ रहे थे। इस दौरान जीआईसी मैदान में खुशियों की शहनाई गूंजी। 467 हिंदू तथा 15 मुस्लिम जोड़ों ने एक दूसरे के साथ जीवन गुजारने की कसमें खाईं।
समारोह में शामिल होने आए प्रभारी मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों और सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार का आयोजन है। मंच से दस नवयुगलों को प्रमाणपत्र और उपहार में शगुन किट भेंट की गई। समारोह में प्रभारी मंत्री आशीष पटेल के अलावा विधायक योगेश वर्मा, मंजू त्यागी, विनोद अवस्थी, डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, एसपी गणेश प्रसाद साहा, सीडीओ अनिल कुमार सिंह, जिपं अध्यक्ष प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह, डीसीबी अध्यक्ष विनीत मनार, अपना दल जिलाध्यक्ष राजीव पटेल, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
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जीवन साथी के साथ मिला योजना का लाभ
बरवर से शादी समारोह में शामिल होने आए नवविवाहित जोड़े में वर धर्मेंद्र पाल की शादी पम्मी देवी के साथ तय हुई थी। शादी के लिए पर्याप्त धन की व्यवस्था न होने की वजह से उन्होंने शादी समारोह के लिए आवेदन किया था। धर्मेंद्र का कहना था कि जीवन साथी के साथ ही इस योजना का लाभ मिलने से खुशियां दोगुनी हो गई हैं। अब घर जाकर छोटा सा कार्यक्रम करते हुए सगे संबंधी और दोस्तों के साथ शादी का जश्न मनाएंगे।

घर की आर्थिक हालत थी नाजुक, योजना बनी संजीवनी
घर में छह बेटियों के साथ ही चार बेटों का किसी तरह से पालन पोषण किया जा रहा था। बेटी की शादी की चिंता पिता इसहाक को सताए जा रही थी। पिता इसहाक ने बताया कि वर की तलाश पूरी होने के बाद इस योजना के लिए आवेदन किया था। जांच के बाद पात्र होने पर इस योजना से लाभान्वित हुआ हूं। लाभ मिलने से बेटा अरफान और बहू अफसाना की शादी को लेकर हजारों रुपये का कर्ज होने से बच गया। फिलहाल परिवार के सदस्य काफी खुश दिखाई दे रहे थे।

पंडाल में एक जोड़े ने नहीं लिए शादी में फेरे
मोहम्मदी निवासी रोहित कुमार की शादी आरती देवी के साथ तय हुई थी। अपने अपने परिजनों के साथ दोनों ने हिंदू रीतिरिवाज के साथ शादी समारोह में हिस्सा लिया लेकिन जब सभी वर वधू अग्नि के फेरे लेने लगे तो उक्त जोड़ा किनारे खड़ा हो गया। पूछने पर लड़के के पिता ने बताया कि एक बार ही फेरे लिए जाते हैं। एक महीने के बाद घर पर अच्छे से शादी समारोह करेंगे, जिसमें दोनों तरफ के रिश्तेदारों को बुलाया जाएगा वहीं फेरे होंगे। इसी को लेकर यहां पर फेरे नहीं लिए गए।

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