पौराणिक शिव मंदिर परिसर में कारिडोर को लेकर निरीक्षण करते आर्किटेक्ट और तहसीलदार
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी कॉरिडोर निर्माण मामले में मुआवजे पर पक्षकारों की सहमति न बनने पर अब दोबारा सर्वे शुरु किया गया है। बुधवार को गोला पहुंचे आर्किटेक्ट ने तहसीलदार के साथ संबंधित स्थल की नपाई की।
सीएम योगी के छोटीकाशी कॉरिडोर के एलान को अब एक वर्ष पूरा हो गया है। इस दौरान जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक के अधिकारियों की कई टीमें यहां आईं और गईं। पैमाइश हुई, नक्शा बना और अधिग्रहण को लेकर महीनों सर्वे हुए। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर 46 भवन जद में आए, लेकिन भवनों के पक्षकारों से सहमतिपत्र न मिल पाने से अधिग्रहण की प्रक्रिया में अड़ंगा पड़ गया। ऐसे में सर्किल रेट के मानकों के अनुसार, मुआवजा न मिलने से पक्षकारों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। अब शासन ने दोबारा सर्वे शुरू किया है।
बुधवार को तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता के साथ आर्किटेक्ट उत्कर्ष कुमार शुक्ला ने राजस्व टीम के साथ पौराणिक शिव मंदिर और गोकर्ण तीर्थ परिसर की पैमाइश कराई है। आर्किटेक्ट उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि कॉरिडोर की डिजाइन में कुछ बिंदुओं पर फेरबदल होना है। डिजाइन इस तरह की होगी कि किसी व्यक्ति का कोई नुकसान न हो।
वर्जन..
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कॉरिडोर की रिडिजाइनिंग का कार्य शुरू हुआ है। आर्किटेक्ट ने कुछ बिंदुओं को चिह्नित करते हुए सर्वे किया है।
- विनोद कुमार गुप्ता, तहसीलदार गोला