लखीमपुर खीरी। शासन की ओर से प्रतिबंधित की गई 14 दवाएं थोक से लेकर फुटकर दुकानदारों के लिए सिरदर्द बन गई है। सबसे ज्यादा फुटकर दुकानदार परेशान है। बुधवार को ड्रग इंस्पेक्टर ने दवा बाजार में छापेमारी कर बैन दवाओं का स्टॉक चेक कर इनकी बिक्री न करने और मौजूद स्टॉक कंपनियों को वापस करने के निर्देश दिए। उधर, केमिस्ट एसोसिएशन ने भी दुकानदारों से दवाएं वापस करने की अपील की है।
ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने बुधवार दोपहर थरवरनगंज स्थित दवा बाजार में छापा मारा। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक थोक दुकानों पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से प्रतिबंधित 14 दवाओं का स्टॉक मिला। दुकानदारों को तत्काल प्रभाव से इनकी बिक्री रोकने, मौजूद स्टाक की सूची बनाने और फुटकर विक्रेताओं को दवा वापसी करने के निर्देश दिए। बता दें कि दुकानों पर मौजूद स्टाक के अनुसार जिले में इस समय करीब एक करोड़ से अधिक की प्रतिबंधित दवाएं थोक व फुटकर दुकानों पर उपलब्ध होने का अनुमान है।
केमिस्ट एसोसिएशन की अपील- वापस करें दवाएं
जिला महामंत्री शरद मेहरोत्रा का कहना है कि यदि किसी फुटकर दुकानदार के पास बैन की गई दवाएं मौजूद हैं, तो उनकी ब्रिकी न कर संबंधित थोक व्यापारी को वापस कर दें, जिससे वह यह दवाएं निर्माता कंपनियों को वापस भेज सकें।
दवा बाजार में छापेमारी के दौरान कई दुकानों पर भारत सरकार की ओर से बैन की गई दवाएं मौजूद मिली। थोक व्यापारियों को इनकी बिक्री न करने और फुटकर विक्रेताओं से दवाएं मंगवाकर निर्माता कंपनी को वापस कर इनकी सूची दो दिन में कार्यालय पर उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। - सुनील रावत, ड्रग इंस्पेक्टर