अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रमेश गुप्ता ने बताया कि निघासन थाना क्षेत्र के गांव नौगवां निवासी मिश्रीलाल ने अपनी बेटी सुमित्रा की शादी भीरा थाना क्षेत्र के पहाडापुर निवासी सुनील के साथ की थी। आरोप है कि 24 अप्रैल 2008 को दहेज की मांग के चलते विवाहिता को मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने मामले में पति सास-ससुर, देवर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन साक्ष्य के आधार पर पति सुनील कुमार को दोषी पाते हुए दस साल की सजा सुनाई गई। साथ ही उस पर 22 हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना भी डाला गया। आरोपी सास-ससुर की दौरान मुकदमा सुनवाई ही मौत हो चुकी थी, शेष सह अभियुक्त देवर अनिल कुमार के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के कारण उसे मामले से बरी कर दिया गया।