निघासन/लखीमपुर खीरी। थाना क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार शाम छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी किशोर के बारे में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस व ग्रामीणों के मुताबिक, किशोर की सोहबत अच्छी नहीं थी। वह अक्सर मोबाइल पर अश्लील फिल्में देखा करता था।
गांववालों ने बताया कि क्षेत्र के गांव में छह वर्षीय बच्ची के साथ रेप के मामले में आरोपी किशोर ने मोबाइल पर अश्लील फिल्म देखकर दुष्कर्म को अंजाम दिया। गांव में यह भी चर्चा है कि वह अपने एक दोस्त के मोबाइल में फिल्में देखा करता था। जानकारी के मुताबिक आरोपी किशोर कक्षा छह का छात्र था, जबकि पीड़ित बच्ची सरकारी स्कूल में पहली कक्षा की छात्रा है। दोनों के परिवार मजदूरी पेशा हैं। सोहबत बिगड़ने के कारण किशोर दोस्तों संग आवारागर्दी करता था। पुलिस पूछताछ में इस बात की भी तस्दीक हुई है कि आरोपी किशोर के गांव की ही अन्य हमउम्र लड़कियों से भी दोस्ती थी।
युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रही अश्लील फिल्म देखने की लत
लखीमपुर खीरी। निघासन में एक 12 साल के किशोर के छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में मनोचिकित्सक भी चिंतित हैं। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला का कहना है कि मौजूदा दौर में सरलता से उपलब्ध मोबाइल व इंटरनेट की आसान पहुंच से कम उम्र में ही बच्चों के पास हर तरह का कंटेंट पहुंच रहा है। ऐसे में कम उमर के बच्चों के दिमाग पर इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालता है। यह अवसाद, क्रोध और चिंता से जुड़ा है। इससे मानसिक कष्ट हो सकता है। यह बच्चों के दिन-प्रतिदिन के कामकाज, उनकी जैविक घड़ी, उनके काम और उनके सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित करता है। बताया कि जब नियमित रूप से देखा जाता है, तो यह जुनून की भावना जगा देता है। जिससे वास्तविक जीवन में वही चीजें करने की इच्छा होती है। यह मस्तिष्क पर वैसा ही प्रभाव पैदा करता है जैसा नियमित आधार पर दवा या शराब के सेवन से होता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों का सामाजिक परिवेश व पारिवारिक माहौल ऐसी घटनाओं को रोकने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। बच्चों को बचपन से ही महिलाओं के प्रति सम्मान की नजर की शिक्षा दी जाए, तो ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सकेगी।