लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में रजिस्ट्री दफ्तर के आगे चाय की दुकान लगाने वाले रामज्ञान सिंह कुशवाहा ने एक सपना देखा था। सपना, बेटे को अफसर बनाने का। कई दिक्कतें आईं, आर्थिक तंगी रोड़ा बनी लेकिन बेटे गोविंद कुशवाहा ने आखिरकार पिता का सपना पूरा कर दिया। वर्ष 2019 में यूपीएससी के तहत होने वाली केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की परीक्षा पास कर गोविंद अब असिस्टेंट कमांडर बन गए हैं। पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
इंद्रानगर निवासी रामज्ञान सिंह कुशवाहा ने आर्थिक तंगी के बाद भी बड़े पुत्र गोविंद कुशवाहा को पढ़ाई में सहयोग करते हुए आगे बढ़ाया। इससे पहले गोविंद 2022 में पीसीएस लोअर की परीक्षा भी पास कर चुके हैं। उन्होंने 2019 में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की परीक्षा दी थी, जिसका रिजल्ट दो मई 2023 को घोषित हुआ है।
कुल 41 असिस्टेंट कमांडेंट की लिस्ट आई है, इसमें गोविंद भी शामिल हैं। गोविंद के भाई गौतम कुशवाहा ने बताया कि विपरीत परिस्थिति होने के बाद भी भाई की मेहनत, माता लीलावती और पिता के आशीर्वाद से सफलता मिली है। गोविंद की सफलता से आसपास के लोगों का बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है।