लखीमपुर खीरी। स्पोर्ट्स स्टेडियम में तैराकी का प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं के हौसले पस्त हैं। इनकी उम्मीदें टूट रही हैं, क्योंकि गत चार साल से स्टेडियम को कोच तक नहीं मिला है। ऐसे में तैराकी में भविष्य बनाने का सपना देख रहे युवाओं के अरमानों को पंख नहीं लग पा रहे हैं।
लालपुर स्टेडियम में विभिन्न खेलों के साथ युवाओं को तैराकी का प्रशिक्षण देने के लिए लाखों की लागत से तरणताल का निर्माण किया गया। इसका तत्कालीन डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने जुलाई 2019 में शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य युवाओं को कुशल तैराक बनाना था, ताकि युवा नाम रोशन कर सकें। लेकिन तरणताल में ताला लगा होने के कारण तैराकी सीखने वाले युवाओं को इसका लाभ तक नहीं मिल रहा है। ऐसे में तमाम बच्चों और युवाओं की प्रतिभा कुंद होती जा रही है।
तैराकी में हैं तमाम संभावनाएं
खेल शिक्षकों का कहना है कि अन्य खेलों की तरह तैराकी में भी अपार संभावनाएं हैं। बच्चे इसमें महारथ हासिल कर अपना कैरियर बनाने के साथ देश व प्रदेश से लेकर जिले का नाम रोशन कर सकते हैं। तरणताल बनने से युवाओं को काफी उम्मीदें थी, जिन पर कोच न होने की वजह से पानी फिर गया।
अनहोनी को लेकर बंद रहता है तरणताल
शुभारंभ होने के बाद कुछ महीनों तक तरणताल लोगों के लिए खोल दिया गया मगर, कोच न मिलने के कारण इसे बंद कर दिया गया। स्टेडियम के लोग बताते हैं कि तरण ताल काफी गहरा है। बिना कोच के अनहोनी होने की आशंका रहती है। इसलिए इसमें ताला डालना मजबूरी बन गचा।
तैराकी की बारीकियां सिखाने के लिए तरणताल का शुभारंभ हुआ था मगर कोच के अभाव में बंद रहता है। कोच के लिए कई बार पत्र लिखा गया है। कोच की तैनाती होते ही प्रशिक्षण के लिए इसे खोल दिया जाएगा।
-सुनील भारती, जिला क्रीड़ा अधिकारी