पलियाकलां। करीब 15 साल से गंदगी के कारण बंद पड़ी सुहेली नदी की डिसिल्टिंग की कवायद एक बार फिर शुरू हुई है। विधायक रोमी साहनी के पत्र पर डीएम ने पूरा ब्योरा एसडीएम पलिया से मांगा है, जो भेज दिया गया है।
दुधवा नेशनल पार्क की लाइफ लाइन कही जाने वाली सुहेली नदी में तकरीबन 15 साल से गंदगी जमा है। कृषि क्षेत्र और दुधवा नेशनल पार्क के जंगल को यह नदी बांटती है। सुहेली नदी के करीब दस हजार हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि है। नदी में गंदगी जमा होने के कारण धारा का रुख मुड़ जाने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। वहीं, दुधवा की वन संपदा को भी भारी नुकसान होता है।
वन्यजीव भी इधर-उधर भागते हैं। इसे साफ कराने के प्रयास काफी सालों से चल रहे है, लेकिन तकनीकी कारणों से इसकी सफाई नहीं हो पा रही है। इससे कृषि क्षेत्र दुर्दशा का शिकार है। पलिया दुधवा मार्ग पर सुहेली पुल के पास भयानक सिल्ट जमा है, जिस पर बड़े पैमाने पर काम की जरूरत है।
इसी को लेकर विधायक रोमी साहनी ने एक पत्र डीएम को सौंपा था। उस पर कवायद शुरू हो गई है। डीएम ने एसडीएम से कृषि क्षेत्र में बाढ़ से नुकसान आदि का ब्योरा मांगा था, जो अब प्रशासन ने भेज दिया है। बताया गया है कि जल्द ही यह ब्योरा संबंधित विभाग को भी भेजा जाएगा।
वन विभाग की एनओसी लगाती है अड़ंगा
सुहेली नदी साफ कराने में वन विभाग की एनओसी का अड़ंगा है। पहले 10-12 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन एनओसी न मिल पाने से वापस चला गया। पलिया विधायक रोमी साहनी ने लखनऊ में अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह से मुलाकात की और उन्हें एक फाइल सौंपी। जिसमे सुहेली नदी से संबंधित कई जानकारी हैं। अपर मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया है कि बहुत ही जल्द भारत सरकार से डिसिल्टिंग की दिलवाकर कार्य शुरू कराया जाएगा।