बजाज चीनी मिल के कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर चीनी मिल के गेट पर एकत्र होकर गेट मीटिंग कर आंदोलन की रणनीति तय की।
शकर मजदूर यूनियन, मजदूर यूनियन शुगर फैक्ट्री, गन्ना मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने चीनी मिल के गेट पर एकत्र होकर कहा कि संघर्ष समिति ने 23 जनवरी को मृतक आश्रितों को पे रोल पर लेने, कर्मचारियों को ग्रेड प्रमोशन, इंक्रीमेंट देने, कर्मचारियों के बच्चों को मिल में समायोजित करने की मांग की थी। मांग पत्र पर कारखाना प्रबंधक आरके मिश्रा ने छह फरवरी को संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया था, वार्ता के समय कारखाना प्रबंधक ने मांगों को पूरी करने में असमर्थता जताई, इस पर समिति के पदाधिकारी भड़क गए और उन्होंने बैठक का बहिष्कार कर दिया था। वार्ता असफल होने के कारण श्रमिकों ने गेट मीटिंग कर मिल के विरुद्ध धरना प्रदर्शन और आंदोलन की रणनीति तय की। इस मौके पर शशिकांत मिश्रा, राजकुमार अवस्थी, दामोदर नाथ तिवारी, लालबिहारी, सुरेशचंद शर्मा, शैलेंद्र शाह, राकेश शुक्ला सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।