लखीमपुर खीरी। अब तक लोगों की बुखार ने हालत खराब कर रखी थी, लेकिन बुखार से निजात पाने के बाद अब संक्रमण उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। यही कारण है कि जिला अस्पताल में अब खांसी के साथ गले में खराश होने के मरीज बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के करीब 15 से 20 प्रतिशत मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। सावधानियां बरतकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है।
पिछले करीब दो माह से बुखार ने लोगों की हालत खराब कर रखी थी। घर में किसी एक सदस्य को बुखार आने पर अन्य लोग भी इससे अछूते नहीं रहते थे। बुखार का प्रकोप बच्चों पर सबसे ज्यादा रहा। मंगलवार को जिला अस्पताल में 2043 नए पर्चे बने। इसमें बुखार के मरीजों की संख्या जहां 30 से 40 प्रतिशत थी तो वहीं गले में खराश, दर्द व खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या करीब 20 प्रतिशत।
डॉक्टर इसका कारण मौसम में बदलाव और सही खानपान न होना बताते हैं। मगर, बुखार के बाद गले का संक्रमण लोगों को दस से पंद्रह दिन बाद तक परेशान कर रहा है। डॉक्टर बताते हैं कि बुखार के बाद गले में संक्रमण की वजह से गले में खराश, दर्द एवं खांसी की समस्या हो रही है। तापमान में अधिक अंतर होने के कारण लोग ठंडी चीजों का सेवन कर रहे हैं। यही वजह है कि संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
ऐसे करें बचाव
- ठंडी चीजों से परहेज करें
- रात में सोते समय एसी का प्रयोग न करें।
- वायरल होने पर घर पर रहकर आराम करें
- घर से निकलने समय मास्क का प्रयोग करेें।
- भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचेंं।
- स्वच्छता का ध्यान रखें, आस-पास गंदगी न होने दें।
- संक्रमण होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
- हरी सब्जी और फलों का अधिक सेवन करें।
बुखार उतरने के बाद गले में संक्रमण की समस्या हो रही है। इससे काफी दिन तक खांसी और गले में खराश बनी रहती है। इसकी वजह वायरल है। ऐसे में बचाव बेहद जरूरी है। कम बोलें और ठंडी खाने पीने की सामग्री से बचें। एसी का उपयोग कम करें। इस तरह की समस्या होने पर बिना देर किए जिला अस्पताल आकर दिखाएं। - डाॅ. मनोज शर्मा, नाक, कान व गला रोग सर्जन