किशनपुर सेंक्चुरी में कैमरा लगाते वन कर्मी। स्त्रोत-वन विभाग।
बांकेगंज। किशनपुर सेंक्चुरी में घूम रहे घायल बाघ की निगरानी के लिए छह कैमरे लगाए गए हैं। विशेषज्ञ बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अभी तक वन विभाग जिस निष्कर्ष पर पहुंचा है, उसके मुताबिक यह बाघ भी आपसी संघर्ष में घायल हुआ है। इसके पैरों में चोट होने के साथ ही आंख के पास गहरा जख्म है। इलाज के लिए डॉक्टरों की एक टीम मौके पर पहुंच चुकी है।
दुधवा के जीव विज्ञानी अपूर्व गुप्ता, आउटरीच इंचार्ज विपिन कुमार लगातार बाघ की गतिविधियों पर नजर बनाए हैं। इसकी दैनिक रिपोर्ट दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ललित कुमार वर्मा को दे रहे हैं। बाघ का इलाज कराने के लिए इसे बेहोश करना जरूरी होगा। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन वन मुख्यालय से बाघ को बेहोश करने की अनुमति मांगने पर विचार कर रहा है।
किशनपुर सेंक्चुरी में घायल बाघ की लगातार निगरानी कराई जा रही है। मैं स्वयं जीव विज्ञानियों से बाघ की गतिविधियों की रिपोर्ट ले रहा हूं। बाघ के समुचित इलाज के प्रबंध किए जा रहे हैं।
- ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व