पट्टी पतवारा से होकर शारदा नदी तक जाने वाले नाले पर किए गए अवैध कब्जों को प्रशासन ने हटवाकर यहां के तमाम ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। एसडीएम, सीओ, नायब तहसीलदार और लेखपाल ने नाले की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटवा दिया। इससे ग्रामीणों का इस नाले को खुदवाकर साफ कराने का प्रयास पूरी तरह से सार्थक हो गया। हालांकि ब्लाक प्रशासन ने इसमें कोई मदद नहीं की और ग्रामीणों ने ही एक लाख रुपये का चंदा कर इस नाले को जेसीबी मशीन से खोदवा डाला। ग्रामीणों में इससे काफी नाराजगी है और उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान समेत ब्लाक के अधिकारियों ने मनरेगा के तहत काम दिखाकर काफी धन भी पूर्व में निकाला है जो कि गलत है और ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इसकी जांच की जाए और दोषियों से रिकवरी कराकर कार्रवाई भी की जाए। ग्रामीणों ने जनसूचना अधिकार के तहत ग्राम सभा में मनरेगा के तहत हुए कार्यों में खर्च धन और कार्यों की विस्तार से जानकारी भी मांगी है। कब्जे हटवाने के लिए ग्रामीणों ने एसडीएम, सीओ, नायब तहसीलदार, लेखपाल का आभार भी जताया है। नाले से कब्जा हट जाने और पूरे नाले की खोदाई हो जाने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। बता दें कि इस नाले के बंद होने से तमाम ग्रामीणों की सैकड़ों एकड़ जमीन जलमग्र हो गई थी और वे इस पर खेती नहीं कर पा रहे थे। इस दो किलोमीटर लंबे नाले का खोदाई में सुरेंद्र सिंह, जसवंत सिंह, नरेंद्र सिंह, सरजीत सिंह, देवेंदर सिंह, गुरसेवक सिंह, विंदर सिंह, हरजीत सिंह, गुरवचन सिंह, सतनाम सिंह, जरनैल सिंह, हरनीत सिंह, प्रेम सिंह आदि का विशेष योगदान रहा है।