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और बिगड़े हालात : बाढ़ की चपेट में 150 से अधिक गांव, छतों-सड़कों पर गुजर रही रात

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पलिया की पटिहन जाने वाले मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद
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लखीमपुर खीरी। बारिश और बैराज से छोड़े गए पानी से उफनाई शारदा, घाघरा, मोहाना और सुहेली नदियों से जनपद के 150 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट हैं। घरों में पानी भरा है।
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घर और खेत नदी में समा रहे हैं। आवश्यक वस्तुओं की कमी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। गांवों व घरों में पानी भरा होने से कई गांवों के ग्रामीण सड़कों और छतों पर समय बिताने को मजबूर हैं। जहरीले जीव-जतुओं का खतरा बना है। जलस्तर बढ़ने और कटान से सैड़कों एकत्र जमीन कट चुकी है।
कई जगह सड़क और पुलिया क्षतिग्रस्त होने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो चुका है। पलिया, धौरहरा, निघासन, बिजुआ, फूलबेहड़ आदि क्षेत्रों में बाढ़ का पानी कहर ढा रहा हैं। हालांकि प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की हरसंभव मदद का दावा कर रहा है।
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अनाज, बिस्तर भीगकर हो गए खराब
बिजुआ। बाढ़ प्रभावित गांवों में शारदा नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। अगर पानी और नहीं छोड़ा गया तो एक-दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। जिन गांवों में पानी ज्यादा आ गया था। वहां अब कीचड़ ही कीचड़ दिखाई दे रहा है। घरों में रखा अनाज, बिस्तर, कपड़े, ईंधन व पशुओं के लिए रखा भूसा आदि लगभग खराब हो गया है। पानी भले ही कम हो गया, पर मुश्किलें बढ़ गई हैं। रास्ते खराब होने से आवागमन बाधित है। बीमारियों का खतरा बढ़ा है। बाढ़ में सब कुछ खो चुके लोगों के आगे अब भोजन और दवाओं की समस्या खड़ी हो गई है। पिछले साल से लेकर अब तक कोरियाना, नयापुरवा, चकपुरवा, जंगल नंबर सात आदि गांवों का कटान होने से अस्तित्व समाप्त हो गया है। कटान पीड़ित बांधों तथा सड़कों के किनारे खानाबदोश जिंदगी बिताने को मजबूर हैं। संवाद
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स्कूल और तीन घर नदी में समाए, दो कटान की जद में
गोला और सदर तहसील के सीमा क्षेत्र के गुजारा और सिंधिया गांव का मामला
फूलबेहड़/बिजुआ। सदर और गोला तहसील के सीमा के गांव गुजारा और सिंधिया में शारदा नदी की तबाही जारी है। गुजारा ग्राम पंचायत के सिंघिया गांव के अमेरिका उर्फ पहलवान, बीरू, भारगनाथ के घर शारदा नदी में समा गए। जबकि राम विलास और मोतीलाल का घर कट रहा है। गुजारा गांव का प्राथमिक विद्यालय भी सोमवार रात नदी ने निगल लिया था। इसके साथ ही गांव के अमेरिका, बीरू, भारगनाथ, मोतीलाल आदि कई किसानो की 25 एकड़ गन्ने की फसल और जमीन कट चुकी है।
नदी कटान करती हुई नयापुरवा गांव की ओर बढ़ रही है। नयापुरवा गांव के 30 घरों के 250 लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। वहीं जंगल नंबर सात में कई गांवों को जोड़ने वाली पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। पुलिया कटने से कई गांव के लोग जान जोखिम में जान डालकर दूसरे रास्ते या टूटी पुलिया से निकलकर आ -जा रहे हैं।
बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि प्रभावित क्षेत्र दो तहसीलों की सीमा से जुड़ा होने से अधिकारी गेंद एक दूसरे के पाले में डालकर टरकाने की कोशिश करते हैं। तहसीलदार गोला सुखबीर सिंह ने बताया कि तीन घरों के कटने की खबर मिली है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की ड्यूटी पर हूं। पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी। वहीं नायब तहसीलदार सदर अश्वनी कुमार ने बताया कि बाढ़ का पानी ज्यादा होने अभी कटान की कोई खबर नहीं मिली। फिर भी पताकर जरूरत मंद लोगों की सहायता की जाएगी।

पलिया की पटिहन जाने वाले मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद

पलिया की पटिहन जाने वाले मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद

पलिया की पटिहन जाने वाले मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद

पलिया की पटिहन जाने वाले मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद

पलिया की पटिहन जाने वाले मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद

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