महेवागंज/सुंदरवल। पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश से जिले में शारदा, घाघरा और सुहेली नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। सोमवार को अहिराना गांव में दो घरों का आधा हिस्सा शारदा नदी में समा गया, जबकि चार घर नदी के निशाने पर हैं। कटान पीड़ित अपना घर गृहस्थी का सामान और मलबा बटोर कर पलायन कर रहे हैं।
हालांकि, हल्का लेखपाल ने सोमवार को कटान से इन्कार किया है। ग्रामीणों के मुताबिक, सोमवार को संजय और राधेश्याम के घरों का बाहरी हिस्सा नदी में कट गया। पास में कमलकिशोर, राम बचन गौतम, राजेश और संतोष के घर नदी के निशाने पर हैं। गांव में अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है। पीड़ित अपना मकान खुद ही तोड़कर पलायन कर रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों में कटे आठ घर
अहिराना गांव में नदी के कटान से लोग बेहाल है। ग्रामीणों के मुताबिक, अब तक दर्जनों मकान और सैकड़ों बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। हालांकि, सरकारी आकड़ों के हिसाब से शारदा नदी में इस वर्ष आठ मकान ही अब तक कटे हैं। राजस्व कर्मियों के अनुसार, अब नदी अगर गांव की तरफ बढ़ी तो छह मकान और कटान की जद में आएंगे। वहीं, ग्रंट 12 में इस वर्ष 10 हेक्टेयर से भी ज्यादा किसानों की गन्ना, धान, परवल, मिर्च, करेला आदि की फसलें नदी में समा चुकी हैं। लेखपाल पंकज वर्मा ने बताया कि अहिराना गांव की तरफ नदी का रुख है। सोमवार को नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान मंद पड़ गया। लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सोमवार को कोई घर नही कटा। गांव के बाहर कुछ जमीन कट रही है।
अहिराना मे कटान करती शारदा
अहिराना मे कटान करती शारदा
अहिराना मे कटान करती शारदा