लखीमपुर खीरी। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस शिवशंकर प्रसाद ने कहा कि समर्पण और त्याग की भावना के साथ विधि एक पवित्र दायित्व है। इसमें हम कमजोर, असहाय व्यक्ति तक न्याय की रोशनी पहुंचाते हैं, इसलिए नित्य स्वाध्याय जरूरी है।
जिला अधिवक्ता संघ में संचालित आईपी सिंह यादव विधि व्याख्यान माला के दसवें चरण का शुभारंभ करते हुए जस्टिस शिव शंकर प्रसाद ने अधिवक्ताओं को संबोधित किया। जनपद न्यायाधीश लक्ष्मीकांत शुक्ला ने युवा अधिवक्ताओं को विधि व्यवसाय की बारीकियां बताईं और नैतिकता व चरित्र के साथ ही पेशेगत ईमानदारी पर जोर दिया बताया। पूर्व एमएलसी शशांक यादव, मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण के जज सुनील वर्मा, परिवार न्यायालय की न्यायाधीश संध्या चौधरी ने सहभागिता की। संचालन महामंत्री विश्वास श्रीवास्तव ने किया।
वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह ने बताया कि पूर्व में जिला जज रह चुके शिव शंकर प्रसाद का जिले से लगाव हमारे लिए गौरव की बात है। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश दुबे, राकेश मिश्र, योगेश सक्सेना, उमेश प्रताप सिंह चौहान, सुरेश सिंह मुन्ना, प्रीतमसिंह बग्गा, रामनारायण त्रिवेदी, एडीजे रामेंद्र कुमार आदि न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्ता मौजूद रहे।