मझगईं के वनघुसरी स्कूल में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले की पलिया, निघासन, धौरहरा, सदर व गोला तहसीलों के गांवों में बाढ़ का कहर है। स्कूलों में पानी भरने से बच्चोंं की पढ़ाई बाधित है। कुछ स्कूलों के बच्चों को तो दूसरे स्कूलों में भेजकर पढ़ाया जा रहा। लेकिन, कई स्कूल ऐसे हैं जहां शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप है। इसके बाद भी विभाग नियमित मध्याह्न भोजन बनने का दावा कर रहा है। एमडीएम समन्वयक के हिसाब से एकाध स्कूल ही बंद हैं, जबकि विभाग के दावों में ही 100 से अधिक स्कूलों में पढ़ाई बाधित है।
पिछले सप्ताह आई बाढ़ से निघासन, पलिया, बिजुआ, रमियाबेहड़ ब्लॉक के स्कूलों में पानी भर गया था। कई स्कूलों में अब तक बाढ़ का पानी भरा है। बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीण ऊंचे स्थानों पर रात गुजारने को मजबूर हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बाढ़ की वजह से बंद स्कूलों की जानकारी जुटाने में ही विभाग को छह दिन लग गए। कुछ स्कूलों के बच्चों को तो ऊंचे स्थानाें पर कैंप लगाकर पढ़ाया जा रहा है। कई स्कूलों के बच्चे घरों में ही फंसे हैं। ऐसे बच्चों की न तो तिमाही परीक्षा हो पा रही है और न ही कोर्स पूरा हो रहा है।
इधर, विभाग यह मानने को तैयार नहीं है कि स्कूलों में ताला पड़ा है। एमडीएम प्रभारी ऋतुराज ने बताया कि एकाध स्कूल को छोड़कर बाकी सभी स्कूलों में रोजाना एमडीएम बन रहा है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार - ईसानगर ब्लॉक के कुल 22 स्कूलों में जलभराव की समस्या है। इसमें प्राथमिक विद्यालय बेलागढ़ी, वनटुकरा, मिर्जापुर, छत्तर बंगला, चंदौली गौरहे, उच्च प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर सहित अन्य स्कूल शामिल हैं। रमियाबेहड़ के पांच स्कूलों में प्राथमिक विद्यालय नानकपुर, प्राथमिक विद्यालय महादेव, रंजीतनगर, मुन्नूपुरवा, संविलियन विद्यालय टांडा, संविलियन विद्यालय पडूखिया सहित पलिया के आठ विद्यालयों में जलभराव की समस्या बनी हुई है।
मझगईं के वनघुसरी स्कूल में भरा बाढ़ का पानी। संवाद