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Lakhimpur Kheri News: गोला कोतवाली के पूर्व प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट

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गोला गोकर्णनाथ। एक वर्ष पूर्व जिला कारागार में निरुद्ध कैदी और कोतवाली क्षेत्र के गांव मुर्तिहा निवासी धर्मेंद्र कुमार की मौत के मामले में मृतक की पत्नी ने कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन इंस्पेक्टर विवेक उपाध्याय सहित चार पुलिसकर्मियों पर गैर इरादतन हत्या, एससी-एसटी एक्ट सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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पिछले साल मई महीने में गोकशी के मामले में धर्मेंद्र नाम के युवक को पुलिस ने जेल भेजा था। जहां तीन दिन बाद जेल में उसकी मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी रेखा देवी ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराई एफआईआर में कहा है कि 30 मई 2022 की शाम कांस्टेबल राजेंद्र सिंह गंगवार, सूर्य प्रताप राघव और गौरव उज्जवल बाइकों से गांव मूर्तिहा आए और जबरन घर में घुस गए थे।
उन्होंने बताया कि सभी पति को जातिसूचक गालियां देते हुए बेरहमी से पीटने लगे और जबरन उठाकर गोला थाने ले गए। आरोप है कि रेखा देवी अपने देवर अरविंद कुमार के साथ थाने गई तो तत्कालीन इंस्पेक्टर विवेक उपाध्याय ने पति को छोड़ने के एवज में 40 हजार रुपए मांगे। रुपए देने से मना करने पर विवेक उपाध्याय ने उसके और अरविंद के सामने पति को पीटा।
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31 मई को फर्जी मामला बनाकर पति को घायल अवस्था में जेल भेज दिया। तीसरे दिन पति की जिला कारागार में मौत हो गई। पत्नी का आरोप है कि पति की मौत स्वभाविक नहीं है, बल्कि 40 हजार रुपये रिश्वत में न दे पाने पर कोतवाल विवेक उपाध्याय सहित पुलिस आरक्षियों द्वारा पहुंचाई गई चोटों के कारण हुई है। पति की हत्या की गई है।
कोर्ट के आदेश पर पूर्व प्रभारी निरीक्षक सहित चारों पुलिसकर्मियों पर 452, 304, 504, 506 आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरोपी इंस्पेक्टर ने खारिज किए आरोप
वर्तमान समय में धौरहरा में तैनात कोतवाल विवेक उपाध्याय का कहना है कि गोला में गोकशी की धाराओं में धर्मेंद्र का चालान हुआ था। जेल भेजने से पहले उसका मेडिकल हुआ था, उसके बाद उसे जेल भेज गया था। जेल में मौत के बाद तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमॉर्टम किया था, जिसमें लीवर की बीमारी की पुष्टि हुई थी। डॉक्टरी में भी कोई चोट नहीं आई थी। कहा कि तथ्य विहीन फर्जी मुकदमा 156(3) के तहत एक दलाल ने पैसे ऐंठने के लिए दर्ज कराया है।
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