फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: परिजनों के दबाव पर पांच आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
बिजुआ। भीरा के पड़रिया तिलकापुर निवासी मनोज की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। परिजनों ने पांच आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों की मान-मनौव्वल तो की, लेकिन गांव वाले नहीं माने। गोला विधायक के पहुंचने और बातचीत के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरु की। पुलिस ने पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन

भीरा थाने के गांव पौथेपुरवा का मूल निवासी 38 वर्षीय मनोज सिंह मौजूदा समय में पड़रिया तिलकापुर में रहता था। रविवार की रात मनोज का शव घर के बाहर पड़ा मिला था। मृतक की पत्नी मुन्नी देवी और मां ने मनोज की हत्या किए जाने का आरोप लगाया था। बताया कि रविवार को मनोज पास के गांव राजपुर की बाजार में सब्जी लेने गया था। सब्जी घर में रखकर वापस चला गया। देर शाम वापस आने पर बिना खाना खाए ही घर के बाहर आंगन में लेट गया।
पत्नी मुन्नी देवी ने बताया कि मनोज को चार-पांच लोग दबाए हुए थे। डर की वजह से वह चीख चिल्ला नहीं सकी। सुबह सूचना पर पहुंची पुलिस ने आननफानन में मनोज का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के हत्या किए जाने की बात भी नहीं सुनी। पोस्टमार्टम के बाद मनोज का शव जब गांव पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन

पुलिस का दबाव जब परिजनों ने नहीं माना तो पुलिस ने पड़रिया के बबलू वर्मा, माखन वर्मा, अलाउद्दीन, बालकराम व एक अज्ञात समेत पांच आरोपियों पर केस तो दर्ज किया, लेकिन हत्या की धारा नहीं बढ़ाई। उधर, जब गोला विधायक अमन गिरि गांव पहुंचे और पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई तो पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाई दी। विधायक के आश्वासन और आरोपियों पर हत्या का केस व तीन दिन में गिरफ्तारी की बात पर परिजन मान गए।



प्रधानमंत्री आवास में परिवार के साथ रहता था मनोज
मृतक मनोज को प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिला था। वह परिवार समेत उसी में रहता था। मनोज के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। मनोज के तीन भाई जम्मू कश्मीर में मजदूरी करते हैं। एक भाई मुरादाबाद में काम करता है। मनोज की मौत की सूचना मिलने पर सभी भाई मंगलवार को गांव पहुंचे। पुलिस का कहना है कि मनोज हिस्ट्रीशीटर था, उस पर कई मुकदमे पहले से दर्ज थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें