रास्ते में लखीमपुर के आगे एक दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट कर दिया और मदन सिंह को धक्का देकर उस में बैठाने लगे। शक होने पर मदन ने विरोध किया। यह देख अस्पताल स्टाफ के तीन लोग निजी एंबुलेंस में बैठकर भाग गए। मदन ने एक व्यक्ति को पकड़ लिया।
मृतका के परिजन से जानकारी करती स्वास्थ्य विभाग की टीम
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ढाई घंटे बंद रहे मरीज
दूसरी एंबुलेंस से मदन सिंह पत्नी के शव को वापस मधु हॉस्पिटल लाया। यहां स्टाफ मरीजों को अस्पताल में बंदकर फरार हो चुका था। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी होने पर नानक चौकी के इंचार्ज गौरव सिंह मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी की। ढाई घंटे तक अस्पताल के अंदर नवजात और प्रसूता समेत पांच मरीज बंद रहे।
पुलिस ने पहुंचकर अस्पताल का शटर खुलवाया। वहीं जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम के मेडिकल ऑफिसर एके द्विवेदी, बीसीपीएम योगेश कुमार ने मरीजों को गोला सीएचसी में शिफ्ट कराया। प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार दुबे ने कहा कि तहरीर मिल गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।