बिजुआ। नामजद आरोपियों पर कार्रवाई में हीलाहवाली से खफा भीरा गन्ना समिति डायरेक्टर अमरीक सिंह उर्फ बिट्टू के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों की मान मनौव्व्ल की। पलिया विधायक रोमी साहनी और गोला विधायक अमन गिरि के समझाने और कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन माने और शव का अंतिम संस्कार किया। अमरीक सिंह को उनकी दोनों बेटियों ने मुखाग्नि दी।
भीरा गन्ना समिति के डायरेक्टर एवं पूर्व प्रधान अमरीक सिंह का शव दो दिन पहले कमरे में पंखे से लटकता मिला था। उनके बहनोई ईश्वर सिंह ने मिस्त्रीपुरवा गांव के चार सगे भाइयों पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज परिजनों ने बुधवार को अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया।
सूचना पर भीरा एसओ निराला तिवारी फोर्स के साथ अमरीक सिंह के घर पहुंचे। परिजनों से बात की। परिजनों ने कहा कि पुलिस ने 40 घंटे बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की, जबकि घटना वाले दिन ही सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया था और फिर छोड़ दिया। मंगलवार सुबह जब आरोपी पक्ष के लोग अपना घरेलू सामान ट्रैक्टर ट्राली से किसी सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे थे, उस समय भी पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।
पलिया विधायक रोमी साहनी व गोला विधायक अमनगिरि ने परिवार वालों से बात की। विधायकों के समझाने और आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। बेटे अनमोल सिंह के कनाडा से न आ पाने की वजह से दोनों बेटियों कोमल और राशी ने पिता को मुखाग्नि दी।
आत्महत्या से एक दिन पहले भी की थी मारपीट
परिजन व अन्य लोगों ने बताया कि आत्महत्या के एक दिन पूर्व आरोपियों ने अमरीक सिंह को नदी किनारे खेतों में बुलाया। लात-घूंसों से जमकर पिटाई की और इसका वीडियो भी बनाया। मारपीट के दौरान अमरीक सिंह का मोबाइल वहीं गिर गया था। इससे क्षुब्ध होकर अमरीक सिंह ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।