जातीय गणित की धुरी पर घूमती जिले की राजनीति
करीब 35 फीसदी पिछड़ा वर्ग की आबादी वाले खीरी जनपद में राजनीति की धुरी जातीय आंकड़ों के इर्दगिर्द ही घूमती है। मौजूदा वक्त में पिछड़ा वर्ग और कुर्मी बिरादरी से भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और धौरहरा सांसद रेखा वर्मा राजनीति के फलक पर चमक रही हैं। ऐसे में सपा पिछड़ा वर्ग पर अपनी पकड़ ढीली करने का कोई खतरा नहीं
मोल लेना चाहती।
हालांकि, पिछले दो लोकसभा और दो विधान सभा चुनाव में मोदी लहर के आगे जातीय समीकरण नेस्तनाबूद हो चुके हैं। 2014 में रवि प्रकाश वर्मा ने खीरी संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए। 2019 में उनकी बेटी पूर्वी वर्मा ने लोक सभा का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गईं थीं। दोनों ही लोकसभा चुनाव में भाजपा के अजय मिश्र टेनी ने बंपर जीत हासिल की थी।