लखीमपुर खीरी। आयकरदाताओं के राशन कार्ड को निरस्त कर विभाग ने पात्र श्रमिकों के राशन कार्ड जारी किए हैं। नए राशन कार्ड बनाए जाने के मामले ने जिला पूर्ति विभाग को प्रदेश में तीसरा स्थान मिला है। विभाग यहां अब तक 8063 नए राशन कार्ड जारी कर चुका और लगातार कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
जनपद में आठ लाख से अधिक उपभोक्ता हैं, जिनको प्रत्येक महीना मुफ्त में राशन दिया जाता है। इन उपभोक्ताओं में काफी लोग ऐसे थे जो आयकरदाता या फिर अन्य तरीके से अपात्र हैं। केंद्र सरकार ने ऐसे लोगों की सूची जारी की थी। इसके बाद विभाग ने सत्यापन कराकर उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया। उसकी जगह पर श्रमिकों के नए राशन कार्ड बनाए गए। नए राशन कार्ड बनाने में प्रदेश में गोरखपुर को प्रथम, मुरादाबाद को द्वितीय व खीरी को तीसरा स्थान मिला है।
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आयकरदाता बताकर गलत तरीके से काटे गए राशन
घर न नौकरी और न कारोबार। मेहनत मजदूरी या प्राइवेट नौकरी कर जैसे-तैसे परिवार की गाड़ी चलते हैं। ऐसे हजारों परिवार हैं, जिनको आयकरदाता बताकर राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया है। गरीबों के राशन कार्ड निरस्त होने पर उनके आगे बड़ा संकट है, लेकिन विभाग कुछ सुनने को तैयार नहीं है। राशन कार्ड निरस्त होने के बाद रोजाना विभाग में काफी लोग पहुंचते हैं, लेकिन सिर्फ मायूसी हाल लगती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गलत तरीके से उनका राशन कार्ड काटा गया है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
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आयकरदाता उपभोक्ताओं की सूची केंद्र सरकार से भेजी गई है। उसी के आधार पर कार्ड निरस्त किए गए हैं। इसमें विभाग की कोई भी भूमिका नहीं है। चाहकर भी विभाग कुछ नहीं कर सकता है। जो राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं, उनकी जगह श्रमिकों के बनाए गए हैं।
-अंजनी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी