अजान मैं रावण वध लीला का मंचन करते कलाकार
ममरी। अजान में हो रहे श्रीरामलीला महोत्सव के सातवें दिन कलाकारों ने कुंभकरण, मेघनाद और लंकापति रावण वध की लीला का मंचन किया।
कलाकारों ने दर्शाया की महारानी मंदोदरी और सुलोचना ने श्रीराम को भगवान का अवतार बताकर उनसे बैर न लेकर माता सीता को आदर सहित श्रीराम के पास लौटा देने की काफी कोशिश की, फिर भी अहंकारी रावण युद्ध के लिए निकल पड़़ता है। जहां श्रीराम और रावण के बीच घमासान युद्ध हुआ। तब श्रीराम विभीषण के इशारे पर रावण की नाभि पर अग्नि बाण चलाकर उसका वध कर देते हैं। रावण का वध होते ही पूरे पंडाल में जय श्रीराम का जय घोष गूंजने लगता है। इस मौके पर मेला कमेटी के सभी पदाधिकारी और हजारों दर्शक मौजूद रहे।
राम, लक्ष्मण, सीता के वनगमन और रामकेवट संवाद का हुआ मंचन
तिकुनिया। कस्बे के देवी मंदिर पर चल रहे रामलीला मेले में कलाकारों ने राम-लक्ष्मण-सीता के वनवास की लीला का मंचन किया। राम-लक्ष्मण-सीता का वन गमन देख कर दर्शकों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान मेला कमेटी के अजय गर्ग, टिंकू गुप्ता, पदम अग्रवाल, अनिल कुंबले, कृष्ण सिंह, अशोक निषाद, सोनू अग्रवाल आदि मौजूद रहे। संवाद
अजान मैं रावण वध लीला का मंचन करते कलाकार