शहर की ऐतिहासिक रामलीला में दूसरे दिन राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के जन्म का प्रसंग देख दर्शक भाव विभोर हो उठे। राम का जन्म होते ही प्रकटे कृपाला दीन दयाला, हर्षित महतारी से गूंज उठा। लखीमपुर की इस अनूठी राम लीला में संवाद चौपाइयों से बोले जाते हैं। राम और उनके अनुजों के जन्म के साथ रावण, कुंभ कर्ण और विभीषण आदि के जन्म के प्रसंग का मंचन किया गया। इससे पहले राम दरबार, शिव पार्वती, भगवान विष्णु आदि देवी देवताओं की शहर में भव्य सवारियां निकाली गईं। इन सवारियों का शहर में जगह-जगह स्वागत किया। सवारियों के रामलीला मैदान में पहुंचने के बाद राम लीला का मंचन हुआ। राम लीला देखने को भारी भीड़ उमड़ी।