जिला जेल में राखी बनाना सीख रहीं महिला बंदी
लखीमपुर खीरी। जिला जेल की महिला बंदी राखियां बना रही हैं। यही राखियां भाइयों की कलाइयों पर सजेंगी। भाईयों से रक्षा का वचन मिलेगा और राखी की बिक्री से बंदियों की कमाई होगी। बिक्री के लिए जेल गेट पर स्टाल लगाया जाएगा। 15 महिला बंदी राखी बनाना सीख रही हैं।
जिला जेल में मौजूदा समय 1506 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 55 महिला बंदी शामिल हैं। महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जेल प्रशासन अलग-अलग तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम और रोजगारपरक गतिविधियां संचालित कर रहा है। इसी क्रम में रक्षाबंधन त्योहार को ध्यान में रखकर महिला बंदियों को राखी बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बंदियों को राखी बनाने के गुर सिखाने की जिम्मेदारी इनरव्हील संस्था की महिलाएं संभाल रही हैं। जेल अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि 15 महिला बंदी राखी बना रही हैं। संस्था की महिलाएं इन बंदियों को प्रशिक्षित कर रही हैं। बंदियों ने कई तरह की राखी तैयार की हैं।
प्रशिक्षण के साथ सामग्री भी मुहैया करा रही संस्था
जेल अधीक्षक ने बताया कि राखी बनाने में लगने वाला धागा और अन्य सामग्री भी संस्था मुहैया करा रही है। महिला बंदी जो राखियां तैयार करेंगी, उनकी ब्रिकी के लिए जेल गेट पर रक्षाबंधन से दो दिन पहले दो स्टॉल लगाए जाएंगे। रक्षाबंधन पर कई भाई बहनों से राखी बंधवाने जिला जेल पहुंचेंगे।
मेहंदी लगाना भी सीख रही हैं महिला बंदी
राखी बनाने के अलावा महिला बंदी मेहंदी लगाना भी सीख रही हैं। मेहंदी का प्रशिक्षण भी इनरव्हील संस्था की महिलाएं ही दे रही हैं। 10 से 12 महिला बंदी मेहंदी लगाने का प्रशिक्षण ले रही हैं। बंदियों को करीब 10 दिनों से यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है।