मनोरोगी बेटे का करा रहे थे उपचार
जानकारी के मुताबिक रामआशीष पत्नी प्रभावती देवी, बड़े पुत्र सुनील कुमार (25), छोटे पुत्र राहुल (22) व पुत्री सोनम (18) के साथ रहता था। मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। मनोरोगी बेटे सुनील का इलाज भी करा रहा था। प्रभावती ने बताया कि सरकारी और निजी अस्पताल में बेटे का इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा था।
सुनील मनोरोगी होने के कारण जंगल की ओर चला जाता था। अपने आप लौट आता था। शुक्रवार को भी वह जंगल से आकर सो गया था, जिसके बाद रामआशीष खाना खाने आए और पता नहीं कब वह जाग गया और घटना को अंजाम दे दिया।