लखीमपुर खीरी। स्कूलों के जीर्णाेद्धार, पुनर्निमाण और स्कूलों में शिक्षा का बेहतर माहौल हो इसको लेकर शासन की ओर से प्रोजेक्ट अलंकार योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना में जिले के स्कूल प्रबंधक दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अब स्कूल प्रबंधकों को आखिरी मौका दिया जा रहा है। 19 जनवरी के बाद प्रबंधकों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
बता दें कि जिले में 51 राजकीय के अलावा 45 एडेड स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत राजकीय विद्यालयों में जीर्णोद्धार के लिए पूरी राशि सरकार खर्च करती है, जबकि अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में 75 प्रतिशत की राशि सरकार अनुदान के रूप में देती है। 25 प्रतिशत का खर्च स्कूल प्रबंधक को अपने स्तर से खर्च करना होगा। बताते हैं कि यह राशि तभी मिलती है जब स्कूल प्रबंधक 25 प्रतिशत की राशि खर्च करने की सहमति प्रदान करता है। प्रोजेक्ट अलंकार को लेकर इस साल महज छह विद्यालयों ने आवेदन किए थे। इसमें से एक विद्यालय का आवेदन विभाग ने निरस्त कर दिया था। ऐसे स्कूल के प्रबंधकों को एक बार फिर से मौका दिया जा रहा है। इस योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 19 जनवरी निर्धारित की गई है। इसके पश्चात किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
डीआईओएस डॉ. महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में इसे शामिल किया गया है। लेकिन स्कूल प्रबंधक 25 प्रतिशत की राशि खर्च करने को तैयार नहीं है, शायद इसी को लेकर आवेदन करने से कतरा रहे हैं।
बच्चों की संख्या में मिलती है धनराशि
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत स्कूलों को सवा करोड़ रुपये की धनराशि दिए जाने का प्रावधान है। धनराशि बच्चों की संख्या पर आधारित है। जिस कॉलेज में ज्यादा संख्या होगी, वहां ज्यादा ग्रांट दी जाएगी। बताते हैं कि इस योजना के तहत 300 से 500 की छात्र संख्या होने पर 25 लाख रुपये, 500 से एक हजार छात्र संख्या होने पर 50 लाख, एक हजार से 1500 तक छात्र संख्या होने पर 75 लाख रुपये, 1500 से दो हजार की संख्या वाले स्कूलों को एक करोड़ और इससे ऊपर की संख्या वाले स्कूलों को सवा करोड़ रुपये तक की धनराशि दी जाती है।