लखीमपुर खीरी। बाढ़ और कटान से हुए नुकसान के मद्देनजर कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब ने सोमवार को विकास भवन सभागार में अगले वर्ष बाढ़ से निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अफसरों संग बैठक की। कमिश्नर ने नदी की ड्रेजिंग (निकर्षण), बंधे के अंतर को पूरा करने, कटान निरोधक परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। जिससे स्वीकृत मिलते ही काम शुरू कराया जा सके, ताकि अगले वर्ष बाढ़ विकराल रूप न धारण करे।
कमिश्नर ने बैठक में सिंचाई विभाग को अगले वर्ष तक के समय का सदुपयोग कर प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही बाढ़ व कटान से बचाव के लिए क्या-क्या प्रस्ताव तैयार हैं और उनकी आवश्यकता व प्रासंगिकता भी पूछी। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करने को कहा, जिससेेे कोई प्रस्ताव न छूटे। कमिश्नर ने बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र कुमार को पानी सूखने के बाद अध्ययन कर प्रस्ताव बनवाने को कहा।
कमिश्नर ने कहा कि नदी को स्वरूप में लाने के लिए तल से गाद निकालना जरूरी है। जनवरी से काम शुरू करना है। सभी प्रक्रियाएं दिसंबर तक पूरी कर लें। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रभावित गांवों में बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कमिश्नर ने जिला प्रशासन को किसी भी बाढ़ पीड़ित के राहत किट पाने से वंचित न रह जाने को कहा।
कमिश्नर ने डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को मुआवजे की सूची को चस्पा कराने के निर्देश दिए। डीपीआरओ को गांवों में तिथियां तय कर बैठक कराने को कहा। इनमें नुकसान का सर्वे कर आकलन के हिसाब से गांवों में पढ़कर सुनाएं। इस दौरान विधायक योगेश वर्मा, रोमी साहनी, मंजू त्यागी, विनोद शंकर अवस्थी, अमन गिरि, शशांक वर्मा, अपर आयुक्त प्रशासन राधेश्याम, एसपी गणेश प्रसाद साहा, सीडीओ अभिषेक आदि मौजूद रहे।