बांकेगंज-कुकरा मार्ग पार करता बाघ। फाइल फोटो। स्त्रोत-सोशल मीडिया।
बांकेगंज। गोला और मैलानी रेंज के जंगल की सीमा पर स्थित लोहिया पुल के पास कई दिन से दिखाई पड़ रहे बाघ को इंसानों के लिए खतरा मानते हुए वन विभाग गंभीर है। जल्द ही बाघ को बेहोश कर पकड़ने के लिए वन मुख्यालय से अनुमति मांगी जाएगी।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन मैलानी और दक्षिण खीरी वन प्रभाग गोला रेंज की सीमा से गुजरने वाले बांकेगंज-कुकरा मार्ग पर स्थित बरौंछा नाला के लोहिया पुल के पास आए दिन बाघ राहगीरों को दिखाई दे रहा है। वन विभाग का मानना है कि यदि यह बाघ इसी जगह मौजूद रहा तो इंसानों के लिए खतरा बन सकता है। साथ ही बाघ खुद खतरे में आ सकता है।
इसे देखते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ललित कुमार वर्मा और दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ संजय बिश्वाल जल्द ही वन मुख्यालय को पत्र लिखकर बाघ को ट्रैंक्यूलाइज (बेहोश) करने की अनुमति मांगेंगे। फिलहाल बाघ की निगरानी के लिए कई टीमें लगाई गईं हैं। ताकि बाघ सुरक्षित रहे और वह किसी इंसान को भी नुकसान न पहुंचा सके।
सोमवार को भी दिखा बाघ
सोमवार को दोपहर में यह बाघ बीच रास्ते पर आ गया था, जिससे कुछ देर के लिए बांकेगंज-कुकरा मार्ग पर दोनों ओर आवागमन थम गया। एक आटो रिक्शा अनियंत्रित होकर खाई में चला गया था। गनीमत रही कि आटो में कोई सवारी नहीं थी। पिछले कई दिनों से यह बाघ इसी जगह पर दिखाई पड़ रहा है, जिससे राहगीर दहशत में हैं।
बांकेगंज-कुकरा मार्ग पर लोहिया पुल के पास लगातार बाघ देखे जाने से बाघ की सुरक्षा खतरे में है। यह बाघ राहगीरों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसके चलते बाघ को ट्रैंक्यूलाइज कर उसे प्राकृतवास में छोड़े जाने के लिए वन मुख्यालय को जल्द ही पत्र लिखा जाएगा। - संजय बिश्वाल, डीएफओ, दक्षिण खीरी वन प्रभाग