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प्रभात हत्याकांड की अंतिम सुनवाई आज, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री टेनी हैं अभियुक्त

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लखीमपुर खीरी। सोमवार को हाईकोर्ट लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रभात हत्याकांड मामले की अंतिम सुनवाई होनी है। इस मामले में पिछले दो माह से लगातार कई डेट लग चुकी हैं। हर बार कोई न कोई कारण बताकर टेनी पक्ष के वकील नई डेट लगवाने में कामयाब रहे। इस पर कोर्ट ने भी अभियुक्त द्वारा सुनवाई टालने का प्रयास करने की टिप्पणी की थी।
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बताते चलें कि लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रनेता रहे प्रभात गुप्ता की आठ जुलाई 2000 को तिकुनिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें अजय मिश्र टेनी समेत चार लोग नामजद हुए थे। 29 मार्च 2004 को लखीमपुर न्यायालय से अजय मिश्र टेनी को दोषमुक्त कर दिया गया था। इसके खिलाफ मृतक के पिता संतोष गुप्ता ने रिवीजन हाईकोर्ट में दाखिल कर जिला न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। 2013 में चीफ जस्टिस के आदेश पर मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई और 2018 में डबल बेंच के सामने मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई और आदेश सुरक्षित किया गया। छह माह बाद भी फैसला न आने पर मृतक के भाई राजीव गुप्ता ने फैसला न आने के कारण अपील दाखिल की, जिसमें बहस के बाद प्रभात हत्याकांड की सुनवाई फिर से करने का आदेश हुआ। इस बीच चार साल तक सुनवाई की तारीख नहीं मिली, जिससे जनवरी 2022 को सर्वोच्च न्यायालय में रिट दाखिल की गई। वहीं पुन: हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए आवेदन किया गया, जिस पर न्यायाधीश रमेश सिन्हा एवं सरोज यादव की डबल बेंच ने सात अप्रैल 2022 को सुनवाई के बाद 16 मई को फाइनल सुनवाई का आदेश दिया, लेकिन इस दिन टेनी के वकील छुट्टी पर चले गए। इसके बाद 24 मई, फिर 31 मई 2022 की डेट लगी, लेकिन वकील छुट्टी पर चले गए। इस पर डबल बेंच ने 20 जुलाई को अंतिम सुनवाई लगाई गई, जिसमें टेनी की ओर से बताया गया कि उन के वकील सलिल श्रीवास्तव को कोविड संक्रमण हो गया है। इसलिए एक महीना बाद की तारीख दी जाए। इस पर वादी राजीव गुप्ता के वकील ज्योतेंद्र मिश्रा एवं सुशील कुमार सिंह ने आपत्ति जताई थी कि 11 जुलाई 2022 के आदेश में उल्लिखित है कि सलिल श्रीवास्तव बहस नहीं करेंगे, बल्कि गोपाल चतुर्वेदी अंतिम बहस करेंगे। इसलिए 20 जुलाई को ही सुनवाई की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने कोविड की रिपोर्ट मानते हुए अगली 22 अगस्त 2022 को अंतिम सुनवाई का आदेश जारी किया था। लिहाजा सोमवार को होने वाली अंतिम सुनवाई के बाद आने वाले फैसले पर सभी की निगाहें लगी हुईं हैं। वादी राजीव गुप्ता ने कहा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को प्रभात गुप्ता की हत्या में सजा हो सकती है। इसलिए टेनी अंतिम सुनवाई को किसी तरह रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
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