मझगईं। बेला कलां में पूर्व प्रधान की बहू की संदिग्ध हालात में मौत होने के मामले में मायके वालों ने जमकर हंगामा काटा। बृहस्पतिवार दोपहर बाद से मुकदमा दर्ज न होने तक पोस्टमार्टम के लिए शव जाने नहीं दिया गया। शुक्रवार दोपहर पुलिस ने आरोपी पति, जेठ, ससुर समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या और दहेज अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया, तब मायके वालों 24 घंटे बाद शव पोस्टमार्टम के लिए उठने दिया। सुरक्षा की दृष्टि से मृतका के घर पुलिस तैनात रही। पति फरार बताया जा रहा है।
थाना क्षेत्र के बेला कलां निवासी पूर्व प्रधान रामस्वरूप के पुत्र शक्ति की पत्नी सोमवती की बृहस्पतिवार दोपहर संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मामले में परिजनों का कहना था कि मंगलवार की शाम शक्ति और सोमवती में बरसाइत मेले में जाने को लेकर कहासुनी हो गई। जिसके बाद शक्ति अपने पिता रामस्वरूप से साथ चंदनचौकी किसी काम से गया।
घर पर सोमवती के दोनों पुत्र, सास, जेठानी आदि लोग थे। सास के अनुसार, दोपहर वह घर से बाहर थी और बड़ी बहू सो रही थी। कमरे में साड़ी के फंदे से लटककर सोमवती ने जान दे दी। पुलिस और मायके वालों के आने से पहले शव नीचे उतार लिया था, ताकि जान बचाई जा सके। वहीं मृतका की मां और भाई ने ससुरालियों पर बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस से भी मायके वालों की नोकझोंक हुई और देर रात तक हंगामा चलता रहा। जिसकी वजह से शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका। मृतका का पति फरार है। हंगामे के बीच मायके पक्ष के लोग मुकदमा दर्ज करने पर डटे रहे, दोपहर तक हंगामा हुआ। मृतका के भाई रामकुमार ने पति शक्ति, जेठ विजय, ननद उपासना, गायत्री, ससुर रामस्वरूप व एक अन्य पर बहन को पीटकर हत्या करने की बात कह तहरीर पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने हत्या व दहेज अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।
बुलेट व दो लाख देने पर बहन की हत्या का आरोप
मृतका के भाई रामकुमार ने बताया कि नौ साल पहले उसकी बहन का विवाह हुआ था और दान दहेज भी दिया। बहन के ससुराल वाले बुलट बाइक व दो लाख रुपये मांगकर उसको प्रताड़ित करते थे। कहा कि जिस साड़ी से फांसी लगाने की बात कह रहे हैं वह साड़ी ही ससुराली नहीं दिखा सके। शरीर पर चोटों के निशान हैं। उधर, मृतका के ससुर पूर्व प्रधान रामस्वरूप ने बताया कि जिस समय बहू ने फांसी लगाई थी उस समय वह लोग चंदन चौकी में थे। बहू बरसाइत मेला नहीं जा सकी थी। बच्चों के चेचक निकला था, इसलिए बेटे ने मना किया था। जिससे दोनों में अनबन थी। अगर मालूम होता कि बहू इतना बड़ा कदम उठा लेगी तो घर से ही नहीं जाते। उनका बेटा शक्ति भी कल से लापता है।