गोला गोकर्णनाथ/ममरी। कोटवारा के निजी आवासीय विद्यालय सिल्वर सिटी एकेडमी के हॉस्टल में फंदे पर लटकते मिले पांचवीं के छात्र गौरव की मौत के मामले में पैनल से पोस्टमार्टम (पीएम) न कराने पर पुुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उधर, पुलिस घटना को खुदकुशी बता रही है, जबकि मृतक के बाबा का कहना है कि पोते को मारकर लटकाया गया। उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
रविवार की रात 12 बजे आवासीय विद्यालय के हॉस्टल के कमरा नंबर तीन में कक्षा 5 के छात्र गौरव राज की संदिग्ध हालात में मौत के बाद उसके बाबा श्रीपाल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया है। श्रीपाल ने फोन पर बताया कि उनके पोते को मार कर लटकाया गया है। पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर संदेह जताते हुए कहा कि वह डॉक्टर के पैनल और वीडियो ग्राफी के बीच दोबारा पोस्टमार्टम कराने की प्रशासन से मांग करते हैं। उधर, मामले में पुलिस की भी लापरवाही सामने आई।
पैनल से पोस्टमॉर्टम कराने के बजाय जिला जेल के एक डॉक्टर से ही पीएम करवाया गया है। इसी बात को परिजन आधार बना रहे हैं। पंचनामा में भी इस बात का जिक्र है कि प्रथमदृष्टया घटना को पुलिस ने खुदकुशी ही माना। उसी के आधार पर पीएम के लिए लिखा। परिजनों का कहना है कि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जानी चाहिए, लेकिन पुलिस आरोपियों को बचा रही है। बता दें कि सोमवार को पुलिस ने मृतक के पिता मनोज कुमार की तहरीर पर विद्यालय प्रबंधक हरमोहन सिंह खुराना, प्रधानाचार्य सर्वजीत सिंह ड्यूटी पर मौजूद चौकीदार सुरवीर और विद्यालय के खिलाफ हत्या एवं एससी एसटी एक्ट के तहत नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी।
बाद में बढ़ाई गई पैनल से पीएम कराने की बात
दस्तावेजों के मुताबिक पोस्टमॉर्टम एक डॉक्टर ने किया, जबकि संदिग्ध और मासूम की मौत के मामले में पैनल से पीएम कराना जरूरी होता है। लेकिन पंचनामा में एसआई जितेंद्र पाल सिंह की तरफ से पैनल से पीएम कराए जाने पर जोर नहीं दिया गया। बाद में पैनल से पोस्टमॉर्टम करने वाली बात बढ़ाई गई है। वहीं, विधि विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर सिंगल डॉक्टर से पीएम नहीं कराना था तो पैनल से पीएम कराए जाने पर जोर दिया जाना चाहिए था।
सीओ मोहम्मदी को मिली विवेचना
मामले में हैदराबाद थाना प्रभारी का कहना है कि सीओ मोहम्मदी अरुण कुमार केस की विवेचना कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र की मौत का कारण हैंगिंग दर्शाया गया है। बताया कि विवेचना में जो लोग दोषी पाए जाएंगे उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा, लेकिन अभी केस की विवेचना चल रही है।
पुलिस हिरासत में आरोपी, खुद को बताया बेकसूर
थाना में मौजूद प्रबंधक हरमोहन सिंह, खुराना प्रधानाचार्य सर्वजीत सिंह खुद को निर्दोष बता रहे हैं। उनका कहना है कि रात के 12:00 बजे छात्र ने फांसी किन परिस्थितियों में लगाई है इस बारे में उन्होंने अभिज्ञता जताई है।