पलिया के प्राइमरी स्कूल की कक्षा में मेज पर रखे अग्निशमन सिलेंडर। संवाद
लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों में आग से बचाव के साधन मुकम्मल न होने की वजह से बच्चों की जिंदगी पर खतरा बना है। जिन विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र लगे भी हैं, तो उन स्कूलों के स्टाफ को इसे चलाने का ज्ञान नहीं है। ज्यादातर स्कूल बिना अग्निशमन यंत्रों के ही संचालित किए जा रहे हैं।
शहर के कुछ विद्यालयों की स्कूलों की पड़ताल की गई तो प्राथमिक विद्यालय मिश्राना में महज एक कमरे में कक्षा एक से लेकर पांच तक की कक्षाएं चल रही थीं। छात्र संख्या न के बराबर थी। यहां पर एक भी अग्निशमन यंत्र नहीं लगा मिला। कलक्ट्रेट के सामने स्थित सदर विद्यालय में एक छोटा और एक बड़ा अग्निशमन यंत्र दिखाई दिया। लेकिन उसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। ऐसे में यदि किसी तरह की कोई आगजनी की घटना घटित होती है तो स्थित भयावह हो सकती है।