फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: ग्रामीण मार्गों पर बस चलाने की योजना अधर में अटकी

विज्ञापन
रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी बसें
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जिले के ग्रामीण रूटों पर रोडवेज बस संचालन की योजना सर्वे के बाद अब अधर में अटक गई है। डिपो से रिपोर्ट भेजे दो माह हो चुके हैं, अभी तक न तो मुख्यालय से स्वीकृति मिली और न ही संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। लखीमपुर डिपो ने अक्तूबर में 254 किलोमीटर दूरी के 13 ग्रामीण रूटों का सर्वे का प्रस्ताव भेजा था। गोला डिपो ने भी सर्वे किया था। बस संचालन से दो लाख से अधिक की आबादी को सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन

परिवहन निगम ने यातायात सुविधाओं से अछूते ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन की योजना बनाई। मुख्यालय के निर्देश पर लखीमपुर और गोला डिपो के अधिकारियों ने उन रूटों का सर्वे किया, जहां रोडवेज अथवा निजी बस संचालित नहीं होती। यात्री प्रमुख स्थानों की दूरी डग्गामार वाहनों के भरोसे तय करते हैं। लखीमपुर डिपो ने 10 ब्लॉकों के 13 ग्रामीण रूटों का सर्वे किया था। सर्वे में सड़क से एक किलोमीटर की दायरे में कितने गांव और इन गांवों की आबादी कितनी है, इसका विवरण जुटाया और प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया। संवाद

इन ग्रामीण रूटों का किया था सर्वे
लखीमपुर डिपो की टीम ने लखीमपुर, बेहजम, नकहा, बिजुआ, ईसानगर, धौरहरा, रमियाबेहड़, निघासन, मितौली व फूलबेहड़ के ब्लॉक के 13 रूटों पर सर्वे किया। इन मार्गों में लखीमपुर से रामापुर होकर शाहपुर, लखीमपुर से अलीगंज, लखीमपुर से फूलबेहड़, फरधान से भदूरा-गुलौला मार्ग, शारदानगर से जटपुरवा, करनपुर से सलिहाबाद होकर ओयल, पतरासी से बड़ागांव, पतरासी से फूलबेहड़, ढखेरवा से पढुवा होकर ठकुरीपुरवा, रमियाबेहड़ से रानीपुर, ढखेरवा से धौरहरा, सिसैया से दुर्गापुर व नकहा से सकेथू शामिल है। किस रूट पर कितने गांव और कितनी आबादी को लाभ मिलेगा इसका विवरण भी मुख्यालय भेजा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यालय के निर्देश पर ग्रामीण रूटों का सर्वे कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जा चुकी है। वहां से स्वीकृति मिलने पर ही बसों का संचालन होगा।
मुकेश मेहरोत्रा, एआरएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें