खतरे के निशान से काफी नीचे हैं शारदा और घाघरा नदियां
नेपाल से आने वाली मोहाना और कर्नाली का जलस्तर भी घटा
लखीमपुर खीरी। जिले में नदियों का जलस्तर गिरने का क्रम जारी है। बुधवार को शारदा बैराज पर शारदा नदी का जलस्तर 134.85 मीटर रिकार्ड किया गया। यह जलस्तर खतरे के निशान 135.49 मीटर से 0.64 मीटर नीचे है, जबकि मंगलवार को शारदा बैराज पर शारदा नदी का जलस्तर 134.70 मीटर रिकार्ड किया गया था। इसी तरह गिरजा बैराज पर घाघरा नदी का जलस्तर 135.45 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 136.76 से 1.93 मीटर नीचे है।
नेपाल से आने वाली मोहाना और करनाली का जलस्तर भी लगातार घट रहा है। नदियों का जलस्तर घटने से भूकटान तेज हो गया है। मोहाना नदी तिकुनिया क्षेत्र के पुरबिया बस्ती और चौगुर्जी गांव में कटान कर रही है। मोहाना और कर्नाली नदियां भूकटान करते हुए फसल समेत कई लोगों के खेत निगल चुकी हैं। शारदा नदी धौरहरा, निघासन, पलिया और संपूर्णानगर में कटान कर रही है, जबकि घाघरा नदी ईसानगर और रमियाबेहड़ ब्लॉक में विनाशलीला कर रही है। बाढ़ गुजरने के बाद भी प्रभावित गांवों के किसानों की मुसीबत कम नहीं हुई है। कटान की जद में आए गांव के लोग अपने कच्चे पक्के घरों को उजाड़ कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं।
जारी है मोहाना नदी का कटान, नदी में समाते जा रहे घर-खेत
तिकुनिया। भारत नेपाल सीमा पर पुरबिया बस्ती, इंदर नगर, चोगुर्जी में मोहाना नदी जबरदस्त कटान कर रही है। ग्राम पुरबिया बस्ती में नदी किसानों की फसलों को निगलती जा रही है। कटान रोकने का शासन स्तर से भी कोई इंतजाम नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीण घबराए हुए हैं। जिनके घर कटने से बचे हैं उन लोगों में दहशत व्याप्त है।
कटान पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से जल्द से जल्द जमीन देकर पुनर्वासित करने की मांग की है। गांव निवासी पूर्व प्रधान मलूक सिंह बताते हैं मोहाना नदी गांव में घुसकर अब फसलों को काट रही है। अब तक कई किसानों की फसलें कटकर नदी में समा चुकी हैं और कई लोगों की जमीन नदी काट रही है।
इंदरनगर निवासी गुरनाम सिंह का गन्ना दो एकड़, नौलखिया का धान एक एकड़, जसपाल सिंह का गन्ना एक एकड़, सत्येंद्र सिंह का गन्ना डेढ़ एकड़, मोहन सिंह का धान गन्ना दो एकड़, गुरनाम सिंह का गन्ना एक एकड़, राजवीर सिंह का गन्ना एक एकड़ नदी में कटकर समा चुका है। इसी तरह कई किसान ऐसे हैं जिनकी जमीन नदी में कट रही है।
नदी कटान रोकने का कोई बंदोबस्त सिंचाई विभाग अब तक नहीं कर पाया है। शासन स्तर से भी कोई इंतजाम नहीं किया गया है। सीमा क्षेत्र के किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि कटान रोकने का बंदोबस्त जल्द से जल्द किया जाए और गांव को दूसरी सुरक्षित जगह जमीन देकर बसाया जाए। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि कटान रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शारदा का जंगल नंबर छह में कटान जारी
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर घटने के बाद जंगल नंबर छह में शारदा नदी ने कटान का दायरा बढ़ा दिया है।
बरूआ कलां में भी कटान तेज हो गया है। उधर, सुहेली नदी का पानी चैखड़ा फार्म, बेला कलां के अलावा कई गांवों के खेतिहर इलाकों में भरा हुआ है, जिसमें किसानों की फसलें खराब हो रही हैं। बनबसा बैराज से भी पानी की रिलीजिंग अब 50 हजार क्यूसेक से ज्यादा नहीं हो रही है। इसलिए शारदा नदी के जलस्तर में रोजाना गिरावट दर्ज की जा रही है। संवाद