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एंटीबायोटिक दवा के नाम पर लोग खा रहे खड़िया

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नमूनों की जांच में हुआ दवा में कोई सॉल्ट न होने का खुलासा, बिक्री प्रतिबंधित की गई
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सेहत से खिलवाड़ कर रही हरियाणा की दवा निर्माता कंपनी और विक्रेता को नोटिस जारी
लखीमपुर खीरी। कुछ कंपनियां जीवनरक्षक एंटीबायोटिक दवाएं बेचने के नाम पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रही हैं। ऐसी की हरियाणा की कंपनी जिया हेल्थकेयर की एंटीबायोटिक ‘जीफ एजेड’ टेबलेट में जांच के दौरान किसी भी सॉल्ट की पुष्टि नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट में इस टेबलेट को खड़िया बताया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर ने गोला के दवा विक्रेता और दवा निर्माता कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं जिले में इस दवा की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
ब्रांडनेम से बिकने वाली एंटीबायोटिक दवाओं के नमूने पहले भी जांच में फेल हो चुके हैं। ताजा मामला हरियाणा की दवा निर्माता कंपनी जिया हेल्थकेयर का सामने आया है। ड्रग इंस्पेक्टर सुनील कुमार रावत ने गोला गोकर्णनाथ के मोहल्ला अर्जुननगर कॉलोनी स्थित फिक कानेट ट्रेडर्स से 16 जून 2022 को जीफ-एजेड नामक एंटीबायोटिक टेबलेट का नमूना भरा था। इस टेबलेट में सॉल्ट सेफिक्जिम (एन्हाईड्रस), एजीथ्रोमाइसिन व लेक्टिक एसिड बेसिल्लस की मात्रा दर्शाई गई है। लैब जांच में इस टेबलेट में तीनों प्रकार के सॉल्ट की मात्रा शून्य पाई गई, जिससे लैब विश्लेषक भी हैरान हैं। इसलिए लैब विश्लेषक ने इस एंटीबायोटिक टेबलेट को हेंस स्पूरियस यानी नकली करार दिया है, क्योंकि इसमें किसी भी सॉल्ट की बिलकुल भी मात्रा नहीं है। लिहाजा इसके सेवन से मरीज को किसी भी प्रकार के फायदे की उम्मीद भी शून्य है, उस मरीज को समय पर उचित दवा न मिलने से उसकी सेहत और अधिक खराब होने की आशंका बनी रहती है।
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लैब विश्लेषक की रिपोर्ट के आधार पर ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने गोला के दवा विक्रेता और दवा निर्माता कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही इस दवा की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि दवा निर्माता कंपनी की इस तरह की हरकत से अन्य एंटीबायोटिक दवाएं भी संदेह के घेरे में हैं, क्योंकि पूर्व में भी हिमाचल प्रदेश की कुछ कंपनियों की एंटीबायोटिक दवा फेल हो चुकी हैं।
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एंटीबायोटिक दवा के टेबलेट का नमूना लैब जांच में फेल हुआ है, जिसमें दवा के जरूरी सॉल्ट की मात्रा शून्य पाई गई है। इससे यह दवा मरीजों के सेवन योग्य नहीं है। इसलिए दवा विक्रेता और निर्माता कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, जिसके बाद सक्षम न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा।
- सुनील कुमार रावत, ड्रग इंस्पेक्टर
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